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गुरुवार, 19 अप्रैल, 2007 को 23:17 GMT तक के समाचार

किवदंती बन चुके ब्रायन लारा

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किवदंती बन चुके ब्रायन लारा की आतिशी बल्लेबाज़ी और विश्व रिकार्डों को क्रिकेट प्रशंसक आने वाले कई वर्षों तक याद रखेंगे.

लारा उन ख़तरनाक बल्लेबाज़ों में से थे जिनके सामने गेंदबाज़ी करने में कई गेंदबाज़ों के पसीने छूटते थे.

पिछले एक दशक में बाएं हाथ के बल्लेबाज़ों में लारा से बेहतर शायद ही कोई हो. रिकार्ड बनाने की बात हो तो लारा उसमें भी सबसे आगे रहे.

टेस्ट क्रिकेट में जहां उनके नाम अभी भी सर्वाधिक नाबाद 400 रनों का निजी स्कोर हो या फिर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में नाबाद 501 रनों का स्कोर हो लारा के लिए ये स्कोर कभी मुश्किल नहीं रहे.

17 सालों से क्रिकेट खेल रहे लारा का प्रदर्शन टेस्ट और वनडे दोनों में ही ज़बर्दस्त रहा है.

जहां उन्होंने 298 एकदिवसीय मैचों में 40.57 की औसत से 10,387 रन बनाए हैं वहीं 131 टेस्ट मैचों में 52.88 की औसत से 11,953 रन भी उनके नाम हैं.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 22 हज़ार के करीब रन बना चुके लारा के कैरियर में विश्व कप जीत नहीं पाना एक बड़ी कमी रह जाएगी लेकिन उनके प्रदर्शन पर कभी शायद ही कोई ऊंगली उठाएगा.

टेस्ट क्रिकेट में 34 शतक और 48 अर्धशतक लगाने वाले इस बल्लेबाज़ के कैरियर में कई उतार चढ़ाव भी आए.

विश्व कीर्तिमानों और कप्तानी के बोझ का लारा के प्रदर्शन पर असर हुआ लेकिन उनके रनों में कमी नहीं आई.

कई बार चोटिल हुए लारा से कप्तानी छीनी लेकिन फिर कप्तान बनाए गए. सिर्फ अपने प्रदर्शन के बल पर.

हालांकि पिछले कुछ वर्षों में लारा में वो बात नहीं दिख रही थी जिसके लिए लारा जाने जाते थे और विश्व कप में ख़राब प्रदर्शन संभवत संन्यास लेने की एक बड़ी वजह रहा है लेकिन इन सबके बावजूद इस बात को नकारा नहीं जा सकता कि लारा महान बल्लेबाज़ों में गिने जाएंगे.