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बुधवार, 18 अप्रैल, 2007 को 07:51 GMT तक के समाचार

'हम हारे लेकिन खेल मंत्री जीते'

भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी ने कहा है कि वर्ष 2014 के एशियाई खेलों की मेज़बानी भारत को न मिलना 'हमारी हार है पर खेल मंत्री की जीत है'.

एजेंसियों के मुताबिक उन्होंने कहा कि भारतीय खेल मंत्री मणिशंकर अय्यर एशियाई खेलों के भारत में आयोजन को लेकर बहुत उत्साहित नहीं थे.

ग़ौरतलब है कि भारत की प्रबल दावेदारी के बावजूद एशिया ओलंपिक संघ ने 2014 में होने वाले एशियाई खेलों की मेज़बानी के लिए दक्षिण कोरिया के इन्च्योन शहर का चुनाव किया है.

भारत को 2014 के एशियाई खेलों की मेज़बानी का प्रबल दावेदार माना जा रहा था और संभावना थी कि भारत की राजधानी दिल्ली को इसकी मेज़बानी करने का मौका दिया जाता.

भारत को एशियाई खेलों की मेज़बानी न मिलने का क्या असर होगा. साथ लगे की-बोर्ड का प्रयोग करके अपनी प्रतिक्रियाएँ हमें भेजें और अपनी टिप्पणी जानने के लिए यहाँ क्लिक करें

हालांकि ऐसा नहीं हो सका और मंगलवार को एशिया ओलंपिक संघ की ओर से इसके लिए दक्षिण कोरिया के प्रसिद्ध इन्च्योन शहर का नाम घोषित कर दिया गया.

विवाद

एजेंसियों के मुताबिक भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष ने इस फ़ैसले के आने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "हम हारे हैं पर खेल मंत्री जीत गए हैं. मुझे नहीं मालूम कि कमी कहाँ पर रह गई. हमने इसके लिए पूरी तैयारी की थी."

उन्होंने खेल मंत्री मणिशंकर अय्यर की पिछले दिनों की गई टिप्पणी की चर्चा करते हुए कहा कि खेल मंत्री की बयानबाज़ी की ख़ामियाज़ा हमें उठाना पड़ रहा है.

उधर खेल मंत्री ने एक भारतीय समाचार चैनल से बातचीत में कहा है कि दक्षिण कोरिया को मेज़बानी का अवसर इसलिए मिला है क्योंकि उनका प्रस्ताव ज़्यादा बेहतर था.

बताया जा रहा है कि पिछले सप्ताह भारत के खेल मंत्री ने टिप्पणी की थी कि एशियाई खेलों के भारत में आयोजन का आम आदमी से कोई सरोकार नहीं है.

फ़ैसला

मंगलवार को कुवैत शहर में एशिया ओलंपिक संघ के 26वें महाधिवेशन में घोषणा की गई थी कि वर्ष 2014 के एशियाई खेलों की मेज़बानी दक्षिण कोरिया करेगा.

इसके लिए दक्षिण कोरियाई शहर इन्च्योन को चुना गया. इससे पहले दक्षिण कोरिया के दो शहरों, सियोल और बुसान में भी एशियाई खेलों का आयोजन पहले ही हो चुका है.

भारतीय ओलंपिक संघ को इस आयोजन के लिए दावेदारी पेश करने की मंज़ूरी मार्च 2005 में ही मिल गई थी.

वर्ष 2010 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेज़बानी करने वाला भारत 2014 में एशियाई खेलों की मेज़बानी को लेकर बहुत उत्साहित भी था.

इससे पहले भारत 1951 और 1982 में एशियाई खेलों का आयोजन कर चुका है. इस समय दिल्ली को राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन की मेज़बानी के लिए तैयार किया जा रहा है.