रविवार, 08 अप्रैल, 2007 को 21:19 GMT तक के समाचार
स्लोवेनिया के मार्टिन स्ट्रेल बेहद ख़तरनाक पिरान्हा मछलियों और ख़तरनाक घड़ियालों से जूझते हुए अमेज़न नदी की पूरी लंबाई को तैरकर नापने वाले दुनिया के पहले व्यक्ति बन गए हैं.
52 वर्षीय मार्टिन ने 5,265 किलोमीटर की यह मैराथन तैराकी 66 दिनों में, शनिवार को रियो डि जेनेरियो के बेलेम के नज़दीक पहुंच कर पूरी की.
इससे पहले वे डेन्यूब (3,004 किमी.), मिसीसिपी (3,797 किमी.) और यांग्तज़ी (4,003 किमी.) नदियों को माप चुके हैं.
संभावना है कि इस कारनामे के लिए उनका नाम गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो जाएगा.
मार्टिन स्ट्रेल ने रिकॉर्ड बनाने के बाद कहा, “मैं जलचरों के साथ लंबे समय से तैर रहा हूँ. शायद उन्हें लगने लगा है कि मैं उन्हीं जैसा और उनमें से ही एक हूँ.”
हालाँकि “फिश-मैन ” के रुप में प्रसिद्ध मार्टिन स्ट्रेल अपनी मंज़िल के नज़दीक पहुंचते-पहुंचते उल्टी-दस्त और लू से पीड़ित हो चुके थे.
मार्टिन स्ट्रेल ने पूर्व निर्धारित समय में 4 दिन बाक़ी रहते 52 मील प्रतिदिन की रफ़्तार से तैरकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की.
चुनौतीपूर्ण
ब्राज़ील से बीबीसी के गैरी डफ़ी ने कहा है कि नियत समयावधि में मंज़िल पर पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण था.
उल्लेख़नीय है कि अमेज़न दुनिया की सबसे बड़ी और दूसरी सबसे लंबी नदी है.
अमेज़न नदी पिरान्हा मछलियों, घड़ियालों, नर शार्कों और एनाकोंडा अज़गरों का कुदरती आवास है. इसके अलावा यहां भँवर, तूफ़ानी लहर और सशस्त्र डाकू-लुटेरे जैसे दूसरे तमाम ख़तरें हैं.
मार्टिन स्ट्रेल ने इस काम को पूरा करने के लिए अपने डॉक्टर की सलाह पर भी ध्यान नहीं दिया.
मार्टिन स्ट्रेल के पुत्र ने मार्टिन के “ज़ीरो पॉइंट ” तक पहुंचने की पुष्टि की है.
गिनीज़ विश्व रिकार्ड ने कहा है कि इस रिकॉर्ड की पुष्टि करने में अभी कुछ सप्ताह लगेंगे.