शुक्रवार, 06 अप्रैल, 2007 को 19:06 GMT तक के समाचार
मोनिका चड्ढा
बीबीसी संवाददाता, मुंबई
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रवि शास्त्री को एक बार फिर टीम की ज़िम्मेदारी संभालने को कहा गया है, लेकिन इस बार मैनेजर और कोच की तरह.
रवि शास्त्री ने अगले महीने होने वाले बांग्लादेश दौरे के लिए सौंपी गई इस ज़िम्मेदारी पर अभी फैसला नहीं किया है. लेकिन संभावना है कि शनिवार को इसकी घोषणा की जाए.
टीम इंडिया के कोच ग्रैग चैपल के इस्तीफ़े के बाद कोच का पद खाली है.
भारतीय टीम के पूर्व कप्तानों ने 44 वर्षीय रवि शास्त्री को यह ज़िम्मेदारी सौंपने का सुझाव दिया है.
ये कप्तान भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अधिकारियों के साथ दो दिनों की बैठक कर रहे हैं जिसमें विश्वकप प्रतियोगिता से पहले ही दौर में भारत के बाहर हो जाने पर चर्चा हो रही है.
बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा, "रवि शास्त्री ने फैसला लेने के लिए कुछ समय माँगा है."
ऑल-राउंडर
रवि शास्त्री ने 80 टेस्ट मैच खेले जिसमें 3,830 रन बनाए और 151 विकेट लिए.
उन्होंने 150 एकदिवसीय मैच भी खेले.
उन्होंने एक टेस्ट मैच में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया और 1992 में संन्यास लेने के बाद से वे क्रिकेट कमेंट्री कर रहे हैं.
रवि शास्त्री को प्रथम श्रेणी क्रिकेट मैच में एक ओवर में छह छक्के जड़ने के लिए भी याद किया जाता है. वे गैरी सोबर्स के बाद ऐसा करने वाले दूसरे खिलाड़ी थे.
कहा जा रहा है कि अब बीसीसीआई मैनेजर और कोच की ज़िम्मेदारी एक ही व्यक्ति को सौंपना चाहता है. रवि शास्त्री से इसकी शुरुआत की जा रही है.
चैपल की भूमिका
इसके अलावा उम्मीद जताई गई है कि बीसीसीआई ग्रैग चैपल के कोच के पद से इस्तीफ़ा देने के बाद उन्हें टीम इंडिया का सलाहकार बने रहने के लिए मना लिया जाएगा.
उनसे लंबी चर्चा के बाद बीसीसीआई की ओर से कहा गया, " वे भारतीय टीम की हार के लिए अपने आपको आंशिक रुप से ज़िम्मेदार समझते हैं."
विश्व कप में भारतीय क्रिकेट टीम के ख़राब प्रदर्शन को लेकर शुक्रवार से शुरू हुई भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की दो दिवसीय बैठक में ग्रेग चैपल और टीम मैनेजर संजय जगदाले ने अपनी-अपनी रिपोर्ट सौंपी है.
बीसीसीआई की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि चैपल और जगदाले की रिपोर्ट के अलावा मुख्य चयनकर्ता दिलीप वेंगसरकर और कप्तान राहुल द्रविड़ ने भी अपनी बातें रखीं.
ग्रेग चैपल ने अपनी रिपोर्ट में भारतीय क्रिकेट में सुधार के लिए कई उपाय भी सुझाए हैं.
इस बैठक से पहले वरिष्ठ खिलाड़ियों पर उनकी कथित टिप्पणी को लेकर इतना विवाद उठा था.
'खिलाड़ियों पर सवाल नहीं'
लेकिन बीसीसीआई की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक़ ग्रेग चैपल ने किसी भी खिलाड़ी पर व्यक्तिगत रूप से सवाल नहीं उठाए हैं. हालाँकि उन्होंने टीम में युवा खिलाड़ियों को मौक़ा दिए जाने की वकालत की.
बीसीसीआई अध्यक्ष शरद पवार ने कोच के रूप में ग्रेग चैपल के काम की सराहना की और कहा कि भारतीय क्रिकेट को सँवारने की दीर्घकालिक योजना में ग्रेग चैपल को शामिल किया जा सकता है.
लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि अब ग्रेग चैपल भारतीय टीम के कोच नहीं है. विश्व कप के लिए गई भारतीय टीम के मैनेजर संजय जगदाले ने भी भारतीय टीम के प्रदर्शन पर निराशा जताई.
उन्होंने अपनी रिपोर्ट में हार के लिए बल्लेबाज़ों को ज़िम्मेदार ठहराया. ग्रेग चैपल की तरह उन्होंने भी टीम में युवा खिलाड़ियों को मौक़ा दिए जाने की बात कही.
ज़िम्मेदारी
भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ ने कहा कि विश्व कप में भारतीय टीम काफ़ी उम्मीद लेकर गई थी लेकिन निराशा हाथ लगी. उन्होंने इस हार के लिए ज़िम्मेदारी स्वीकार की.
द्रविड़ ने टीम को सुदृढ़ और सुव्यवस्थित करने के लिए सलाह मांगी. जबकि प्रमुख चयनकर्ता दिलीप वेंगसरकर ने विश्व कप में भारतीय टीम के प्रदर्शन पर निराशा जताई.
उन्होंने कहा कि घरेलू क्रिकेट को और बढ़ावा दिया जाना चाहिए. वेंगसकर ने सलाह दी कि 25 खिलाड़ियों का एक पूल तैयार किया जाना चाहिए जिसमें से राष्ट्रीय टीम में खिलाड़ियों को जगह मिलनी चाहिए.
विश्व कप में भारतीय टीम सुपर-8 में भी नहीं पहुँच पाई थी और तीन मैचों में सिर्फ़ बरमूडा को ही हरा पाई. बांग्लादेश और श्रीलंका से टीम को हार का सामना करना पड़ा.
टीम के कई वरिष्ठ खिलाड़ियों को लेकर ग्रेग चैपल की कथित टिप्पणी के बाद से ही विवाद का पिटारा खुल गया था.
बाद में सचिन तेंदुलकर ने एक समाचार पत्र से बातचीत में इस पर अफ़सोस व्यक्त किया था कि उनके रुख़ को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं.