गुरुवार, 05 अप्रैल, 2007 को 04:51 GMT तक के समाचार
आशुतोष चतुर्वेदी
बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
भारत के सभी अख़बारों ने ग्रेग चैपल के भारतीय टीम के कोच का पद छोड़ने की ख़बर को प्रमुखता से छापा है.
नवभारत टाइम्स का शीर्षक है- चैपल हुए सचिन के बाउंसर पर बोल्ड.
अख़बार लिखता है कि ग्रेग चैपल को कोच की कुर्सी छोड़नी पड़ गई है. चैपल का अनुबंध अप्रैल के अंत तक था लेकिन मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने ऐसी बाउंसर डाली कि चैपल ढेर हो गए.
पंजाब केसरी ने शीर्षक लगाया है- तेंदुलकर के ब्लास्ट से गुरु चित्त.
अख़बार लिखता है कि ग्रेग चैपल ने वरिष्ठ खिलाड़ियों के रवैए को लेकर की गई विवादास्पद टिप्पणियों पर सचिन तेंदुलकर की तीखी प्रतिक्रिया के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के कोच पद से इस्तीफ़ा दे दिया.
जनसत्ता की सुर्खी है- चैपल ने भारतीय क्रिकेट टीम का कोच पद छोड़ा.
समाचारपत्र लिखता है कि भारतीय क्रिकेट के एक और अध्याय का अंत हो गया. कोच ग्रेग चैपल के ख़िलाफ़ सचिन तेंदुलकर के खुल कर सामने आने के बाद चैपल ने धमाका कर दिया.
हिंदुस्तान की हेडिंग है- सचिन की गुगली, गुरु बोल्ड.
अख़बार के अनुसार टीम इंडिया के वरिष्ठ खिलाड़ियों को शिकायत रही है कि ग्रेग चैपल मीडिया को ख़बर लीक करते हैं. आमतौर पर खामोश रहनेवाले तेंदुलकर बोले और ऐसा बोले कि चैपल खामोश हो गए.
राष्ट्रीय सहारा का शीर्षक है, सचिन खफ़ा, चैपल दफ़ा.
समाचार पत्र ने ख़बर लगाई है कि सचिन तेंदुलकर सहित टीम के वरिष्ठ खिलाड़ियों के साथ जारी अघोषित वाकयुद्ध के बाद कोच ग्रेग चैपल का 22 महीने का विवादों से घिरा कार्यकाल उनके इस्तीफ़े के साथ खत्म हो गया.
जागरण ने शीर्षक लगाया है, चल दिए चैपल.
अख़बार लिखता है कि ग्रेग चैपल ने अनुबंध खत्म होने से पहले इस्तीफ़ा दे दिया.
अंग्रेज़ी दैनिक हिंदुस्तान टाइम्स और टाइम्स ऑफ़ इंडिया की हेडिंग एक है- ग्रेग चैपल रिटायर्स हर्ट.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया लिखता है कि ग्रेग चैपल ने बीसीसीआई प्रमुख शरद पवार को फ़ोन कर अलविदा कह दिया है और वो शुक्रवार को वापस चले जाएंगे.
उल्लेखनीय है कि टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने ही बुधवार को सचिन तेंदुलकर से विशेष बातचीत प्रकाशित की थी जिसमें उन्होंने ग्रेग चैपल की टिप्पणियों पर निराशा जताई थी.