शुक्रवार, 06 अप्रैल, 2007 को 00:53 GMT तक के समाचार
मलय नीरव
दिल्ली से
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की दो दिवसीय बैठक शुक्रवार से मुंबई में शुरू हो गई है. इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फ़ैसले लिए जाने हैं.
इस बैठक में बीसीसीआई के अधिकारी और भारतीय क्रिकेट टीम के सात पूर्व कप्तान हिस्सा लेंगे.
इस बैठक में भारतीय क्रिकेट के भविष्य की चर्चा होनी है. साथ ही इसकी भी पड़ताल की जाएगी कि विश्व कप में भारतीय टीम के शर्मनाक प्रदर्शन के लिए क्या वजहें थीं और कौन इसके लिए ज़िम्मेदार है.
हालांकि भारतीय क्रिकेट टीम के कोच ग्रेग चैपल इस बैठक से पहले ही आगे कोच न रहने की घोषणा कर चुके हैं पर इस बैठक के पहले दिन यानी शुक्रवार को वो इस बैठक में अपनी रिपोर्ट रखेंगे और बीसीसीआई अध्यक्ष शरद पवार से मुलाक़ात भी करेंगे.
पिछले दिनों मीडिया में लगातार ऐसी ख़बरें आती रही हैं जिससे भारतीय टीम के सदस्यों और कोच के बीच का विवाद सामने आता दिखाई दिया.
दोनों ओर से खेल के प्रदर्शन को लेकर बयानबाज़ियाँ भी होती रही हैं.
कोच की रिपोर्ट
कोच चैपल इस बैठक में विश्व कप में भारतीय टीम के प्रदर्शन के बारे में अपनी रिपोर्ट भी पेश करेंगे पर सवाल यह उठ रहा है कि इतनी सारी बातों के सार्वजनिक होने के बाद भी कोच की रिपोर्ट में क्या अभी भी कुछ ऐसा बचा है जो सार्वजनिक नहीं हुआ है.
इस प्रश्न पर बोलते हुए भारतीय क्रिकेट टीम के कोच पद के प्रबल दावेदार पूर्व क्रिकेटर मोहिंदर अमरनाथ कहते हैं, "कोच की रिपोर्ट में कई बातें गोपनीय थीं पर अब ऐसा नहीं लगता कि गोपनीयता बनी हुई है क्योंकि मीडिया में कोच और खिलाड़ियों के बीच विवादों या अंतरविरोधों को लेकर लगातार ख़बरें आती रही हैं."
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कोच रहे अंशुमान गायकवाड़ इस बारे में कहते हैं, "सारी बातें सामने आती जा रही हैं. हालांकि कोच लगातार इसका खंडन भी करते रहे हैं पर इतना तो साफ़ समझ में आता है कि बिना आग के कहीं धुँआ नहीं उठता."
कोच चैपल के अलावा एक और रिपोर्ट भी इस बैठक में रखी जानी है और वह है भारतीय टीम के मैनेजर संजय जगदले की रिपोर्ट.
संजय जगदले की इस रिपोर्ट के बारे में पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान और मुख्य चयनकर्ता चंदू बोडे कहते हैं, "इस रिपोर्ट से कई बातें साफ़ हो जाएंगी कि कमियाँ कहां पर रहीं और किन सुधारों की ज़रूरत है."
भारतीय क्रिकेट की स्थिति पर वो कहते हैं, "वनडे क्रिकेट और टेस्ट क्रिकेट के लिए अलग-अलग टीम बनाकर उनपर ध्यान दिया जाना चाहिए. साथ ही घरेलू क्रिकेट पर ध्यान देने की ज़रूरत है और सभी वरिष्ठ क्रिकेट खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट खेलें, ऐसा अनिवार्य बनाया जाना चाहिए. इससे जूनियर सीखते तो हैं ही, साथ ही सीनियर खिलाड़ियों का खेल भी समझ में आता है."
बैठक में नए कोच के नाम पर भी चर्चा होनी है. इसके लिए कई वरिष्ठ पूर्व भारतीय क्रिकेटरों के अलावा कुछ विदेशी क्रिकेटरों के नाम पर भी चर्चा हो रही है.