गुरुवार, 22 मार्च, 2007 को 17:33 GMT तक के समाचार
भारत और श्रीलंका के बीच शुक्रवार को वर्ल्ड कप का एक अहम मैच खेला जाना है जिससे यह तय होगा कि भारतीय टीम सुपर-8 में जाएगी या स्वदेश लौटेगी.
इस मैच से ठीक पहले बीबीसी संवाददाता मानक गुप्ता ने भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान राहुल द्रविड़ एक ख़ास बातचीत की.
भारतीय टीम बल्लेबाज़ों की टीम मानी जाती है जबकि श्रीलंका के बारे में कहा जाता है कि वह ऑलराउंडरों की टीम है, क्या आप इस बात से सहमत हैं?
देखिए, आप कुछ भी कह सकते हैं, ये ऑलराउंडर है, वो ऑलराउंडर है, कागज़ पर तो बहुत कुछ कहा जाता है. लेकिन आख़िर में सब कुछ इसी पर निर्भर करतका है कि एक ख़ास दिन आपके खिलाड़ी कैसा खेलते हैं. जो उस ख़ास दिन अच्छा प्रदर्शन करता है वही बेहतर होता है. अगर उनके पास ऐसे प्लेयर हैं जिनकी ऑलराउंडर क्षमता है तो हमारे पास भी ऐसे खिलाड़ी हैं.
मैं नहीं मानता कि हम उनसे किसी तरह से कम हैं. उनकी बैटिंग भी कमज़ोर नहीं है, आप ऐसा कुछ नहीं कह सकते. मेरे हिसाब से दोनों टीमों के बीच गैप काफ़ी कम है, मुक़ाबला काफ़ी कड़ा होगा. जैसा मैंने कहा जो टीम अच्छा प्रदर्शन करेगी वह मैच जीतेगी.
बहुत बड़ा मैच है, कहा जा रहा है कि जो अच्छी शुरूआत करेगा वही आगे निकल जाएगा और शुरूआत भारत की एक समस्या रही है. क्या आप ऐसा मानते हैं?
शुरूआत बहुत अहम होती है इसमें कोई शक नहीं है लेकिन उसके ऊपर आप पूरा तो निर्भर नहीं कर सकते. आपकी शुरूआत अच्छी नहीं हुई तो आपको संघर्ष करना पड़ता है. पूरा मैच 100 ओवर का होता है और आपको 100 ओवर तक अच्छा क्रिकेट खेलना पड़ता है, आप ऐसा नहीं मान सकते कि स्टार्ट अच्छा नहीं हूआ तो गेम ख़त्म हो गया. आपका स्टार्ट अच्छा हुआ तो भी आप यह नहीं मान सकते कि श्रीलंका की टीम फ़ाइट-बैक नहीं करेगी.
उनकी टीम में बाएँ हाथ से खेलने वाले बहुत से खिलाड़ी हैं और ऐसा माना जाता है कि उन्हें ऑफ़ स्पिनर्स को खेलने में दिक्कत होती है इसलिए आप हरभजन को लाने की सोच रहे हैं?
हम सारी परिस्थितियों पर गौर कर रहे हैं. जब सेलेक्शन करते हैं तो सभी बातों के बारे में सोचना होता है. हम देखेंगे कि हमारे लिए कौन सा बेस्ट एलेवन है, हम वही सेलेक्ट करेंगे.