बांग्लादेश के हाथों मिली करारी हार के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के कई पूर्व खिलाड़ियों ने वीरेंदर सहवाग को टीम से हटाने से मांग की है.
विश्व कप के अपने पहले ही मैच में भारतीय टीम को बांग्लादेश ने पाँच विकेट से हरा दिया था और अब भारतीय टीम पर विश्व कप से बाहर होने का ख़तरा मँडरा रहा है.
इस मैच में एक बार फिर वीरेंदर सहवाग नाकाम रहे और सिर्फ़ दो रन ही बना पाए. पूर्व कप्तान अजित वाडेकर ने कहा, "इस मैच से पहले मैं मानता था कि उन्हें आज़माना चाहिए. लेकिन जिस तरह वे आउट हुए, अब मुझे लगता है कि कब तक उन्हें पुराने प्रदर्शनों के आधार पर टीम में मौक़ा मिलता रहेगा."
वर्ष 1983 में विश्व विजेता रही भारतीय टीम को अब इस विश्व कप में बने रहने के लिए अपने दोनों ग्रुप मैच जीतने होंगे. 19 मार्च को भारतीय टीम बरमूडा से खेलेगी और 23 को श्रीलंका से.
अपने पिछले 14 वनडे मैचों में वीरेंदर सहवाग ने सिर्फ़ एक अर्धशतक लगाया. पिछले दिनों प्रमुख चयनकर्ता दिलीप वेंगसरकर ने कहा था कि कप्तान राहुल द्रविड़ के कहने पर ही सहवाग को टीम में शामिल किया गया है.
'आख़िरी मौक़ा'
अजित वाडेकर ने कहा कि बरमूडा के ख़िलाफ़ सहवाग खेले, तो उनके लिए आख़िरी मौक़ा होगा. अपनी आक्रमक बल्लेबाज़ी के लिए मशहूर वीरेंदर सहवाग ने वनडे मैचों में सात शतक लगाए हैं और ये सभी शतक उन्होंने सलामी बल्लेबाज़ के रूप में ही बनाए हैं.
वनडे मैचों में उन्होंने 24 अर्धशतक भी लगाया है और इनमें से 21 शतक उन्होंने सलामी बल्लेबाज़ के रूप में बनाए थे.
पूर्व प्रमुख चयनकर्ता किरण मोरे का कहना है कि सहवाग की जगह रॉबिन उथप्पा को सलामी बल्लेबाज़ के रूप में मौक़ा मिलना चाहिए.
उन्होंने कहा, "टीम के लिए अच्छी शुरुआत काफ़ी ज़रूरी है. मेरा मानना है कि उथप्पा को पारी शुरू करनी चाहिए और द्रविड़ को नंबर तीन पर बल्लेबाज़ी करनी चाहिए."
किरण मोरे का कहना है कि अगर कप्तान द्रविड़ चौथे या पाँचवें नंबर पर खेलने आएँ, तो उन पर दबाव ज़्यादा होगा.