रविवार, 18 मार्च, 2007 को 12:04 GMT तक के समाचार
बांग्लादेश के हाथों मिली हार के बाद भारत में क्रिकेट प्रेमियों का ग़ुस्सा भड़क उठा है. देश के कई शहरों में लोग सड़क पर उतर आए और खिलाड़ियों के पोस्टर जलाए.
शनिवार को भारत की टीम बांग्लादेश के हाथों पाँच विकेट से हार गई थी. इस विश्व कप में भारतीय टीम को ख़िताबी जीत का दावेदार माना जा रहा था.
लेकिन अपने पहले ही मैच में बांग्लादेश से मिली हार भारतीय क्रिकेट समर्थकों को पच नहीं पा रही है. क़रीब-क़रीब सभी स्टार खिलाड़ी नाकाम रहे और पूरी टीम सिर्फ़ 191 रन बनाकर आउट हो गई.
जवाब में बांग्लादेश की टीम ने पाँच विकेट के नुक़सान पर ही लक्ष्य हासिल कर लिया. देर रात तक मैच देखने के बाद रविवार को नाराज़ क्रिकेट प्रेमी सड़कों पर उतरे.
झारखंड की राजधानी राँची में क्रिकेट प्रेमियों ने विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के निर्माणाधीन नए घर पर पत्थर फेंके. अब वहाँ पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है.
ग़मगीन माहौल
बांग्लादेश से सटे पश्चिम बंगाल में भी माहौल मायूसी वाला है. यहाँ भी लोग सड़कों पर उतरे और कोच ग्रेग चैपल और कप्तान राहुल द्रविड़ के ख़िलाफ़ नारे लगाए.
एक क्रिकेट प्रेमी अंकित मलिक कहते हैं, "हम सभी सदमे में हैं. जिस तरह भारतीय खिलाड़ियों ने प्रदर्शन किया वह चौंकाने वाला है. लेकिन हम अपने पड़ोसी बांग्लादेश के लिए ख़ुश भी हैं."
बंगाल के प्रिंस कहे जाने वाले सौरभ गांगुली ने वापसी के बाद क़रीब-क़रीब हर मैच में अच्छा खेल दिखाया है. और बांग्लादेश के ख़िलाफ़ भी गांगुली ने 66 रन बनाए जो भारत की ओर से सर्वाधिक रन थे.
दूसरी ओर अहमदाबाद में भी लोगों का ग़ुस्सा फूटा और लोगों ने खिलाड़ियों के पोस्टर जलाए. कॉलेज के छात्र अमन वशिष्ठ ने कहा, "भारतीय क्रिकेटर धनी हैं, ग्लैमर की दुनिया में उनका स्थान है. वे विज्ञापनों में छाए हुए हैं."
कई क्रिकेट प्रेमी वीरेंदर सहवाग को बार-बार मौक़ा दिए जाने से भी नाराज़ हैं. ऐसे लोगों जैसे विचार पूर्व प्रमुख चयनकर्ता किरण मोरे के भी हैं.
उन्होंने कहा कि विश्व कप में अच्छी शुरुआत की आवश्यकता थी और अब पारी की शुरुआत रॉबिन उथप्पा से करानी चाहिए और कप्तान राहुल द्रविड़ को तीसरे नंबर पर आना चाहिए.