रविवार, 18 मार्च, 2007 को 20:38 GMT तक के समाचार
ऑस्ट्रेलिया ने ब्रैड हॉग के शानदार आलराउंड प्रदर्शन के साथ नीदरलैंड्स को 229 रनों के भारी अंतर से हरा दिया है जबकि कनाडा को हराने के लिए इंग्लैंड को काफी मशक्कत करनी पड़ी है..
पहले बल्लेबाज़ी करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने ब्रैड हॉग (123), एडम गिलक्रिस्ट ( 57) और माइकल क्लार्क ( 93 ) की मदद से पांच विकेट पर 358 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया.
इसके जवाब में नीदरलैड्स की टीम मात्र 129 रनों पर सिमट गई.
ब्रैड हॉग ने धुआंधार पारी खेलते हुए 89 गेंदों में सात छक्कों की मदद से 123 रन बनाए और चौथे विकेट की साझेदारी में माइकल क्लार्क के साथ 204 रन जोड़े जो विश्व कप में चौथे विकेट की साझेदारी का रिकार्ड है.
हॉग ने गेंदबाज़ी करते हुए नीदरलैंड्स के चार विकेट भी झटके.
ऑस्ट्रेलिया की पारी की शुरुआत करते हुए गिलक्रिस्ट ने शुरु से ही दबाव बनाया और 64 गेंदों में 11 चौकों की मदद से 57 रन बनाए.
अंतिम दस ओवरों में ऑस्ट्रेलिया ने 130 रन बनाए जिससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि नीदरलैंड्स के गेंदबाज़ों की किस तरह से धुनाई हुई.
ऑस्ट्रेलिया के इस बड़े स्कोर का जवाब नीदरलैंड्स में किसी के पास नहीं था और उनकी पारी की बेहद ख़राब शुरुआत हुई.
एक समय में 46 रनों पर पांच विकेट खोने के बाद नीदरलैड्स की टीम थोड़ा संभली लेकिन उसके विकेट लगातार गिरते रहे.
नीदरलैंड्स की ओर से सर्वाधिक स्कोर रहा डैन बैन बुंज का जिन्होंने 33 रन बनाए.
ऑस्ट्रेलिया की ओर से ग्लेन मैकग्रा ने विश्व कप में अपना पचासवां विकेट पूरा किया. अब वो विश्व कप में वसीम अकरम के 55 विकेटों से मात्र पांच विकेट पीछे हैं.
इंग्लैंड-कनाडा मैच
इंग्लैंड और कनाडा के बीच हुए एक अन्य मैच में जीत के लिए इंग्लैंड को बड़ी मशक्कत करनी पड़ी लेकिन आखिरकार उन्होंने 51 रनों से जीत दर्ज़ कर ली.
इंग्लैंड की ओर से सलामी बल्लेबाज़ जॉयस ने सर्वाधिक 66 रन बनाए जबकि मध्यक्रम में पॉल कोलिंगवुड ने 62 रनों का योगदान दिया.
इंग्लैंड की टीम अपना पहला मैच न्यूज़ीलैंड से हार गई थी जिसके बाद यह मैच जीतना उनके लिए ज़रुरी था.
280 रनों के लक्ष्य का पीछा करती हुई कनाडा की टीम के चार विकेट मात्र 65 रनों पर ही गिर गए थे लेकिन इसके बाद कनाडा के बल्लेबाज़ों ने संघर्ष किया औऱ स्कोर को 228 तक पहुंचाया.
कनाडा की ओर से पांचवे विकेट की साझेदारी में 96 रन बने जबकि सातवें विकेट की साझेदारी में 56 रन बने.
कनाडा की ओर से सर्वाधिक स्कोर रहा मूला का जिन्होंने 58 रनों का योगदान दिया.
मूला के अलावा समद ने 36, धनीराम ने 30, चमनी ने 27 और डेविडसन ने 21 रनों का योगदान दिया और कनाडा ने विश्व कप में अपना सर्वाधिक स्कोर खड़ा करने में सफलता प्राप्त की.
इस जीत से इंग्लैंड का मनोबल बेहतर हुआ होगा लेकिन साफ था कि उन्हें किसी अन्य टीम के साथ इससे बेहतर प्रदर्शन की ज़रुरत होगी.