गुरुवार, 15 मार्च, 2007 को 20:33 GMT तक के समाचार
पहली बार विश्व कप खेल रही आयरलैंड की टीम ने ज़बर्दस्त प्रदर्शन करते हुए ज़िम्बाब्वे के साथ अपना मैच बराबरी पर ख़त्म कर लिया है.
आयरलैंड की टीम ने ज़िम्बाब्वे के समक्ष जीत के लिए 222 रनों का लक्ष्य रखा था लेकिन ज़िम्बाब्वे की टीम भी निर्धारित ओवरों में मात्र 221 रनों पर ही आउट हो गई.
इसे विश्व कप में अब तक सबसे रोमांचक मैच कहा जा रहा है.
एक समय में ज़िम्बाब्वे को 36 गेंदों में 15 रन बनाने थे और उसके चार विकेट बाकी थे. ऐसा लग रहा था कि ज़िम्बाब्वे आराम से मैच जीतेगी लेकिन ऐसा हुआ नहीं.
ज़िम्बाब्वे के तीन विकेट मात्र एक रन बनाने में गिर गए और अंतिम ओवर में उसे नौ रन बनाने थे.
अंतिम गेंद पर एक विकेट गिरा और मैच ड्रा हो गया.
इसी ओवर की पांचवी गेंद पर मात्सीकनेयरी का कैच भी छूटा था. 77 गेंदों में 73 रन बनाने वाले मात्सीकनेयरी अंत तक आउट नहीं हुए.
इससे पहले यूसी सिबांडा ने पारी की शुरुआत करते हुए शानदार 67 रन बनाए. सिबांडा हिट विकेट हुए.
आयरलैंड की ओर से जेरेमी ब्रे ने 115 रन बनाकर अपनी टीम को बड़ा स्कोर खड़ा करने में मदद की.
मैच की शुरुआत से ही ज़िंबाब्वे को कड़ा मुकाबला करना पड़ा.
श्रीलंका-बरमूडा मैच
श्रीलंका ने बरमूडा को 243 रनों से हराकर विश्व कप के इतिहास में दूसरी सबसे बड़े अंतर की जीत दर्ज़ की.
ग्रुप बी के एक मैच में श्रीलंका ने बरमूडा के सामने जीत के लिए 321 रनों का लक्ष्य रखा जिसके जवाब में बरमूडा की पूरी टीम 78 रनों पर आउट हो गई.
श्रीलंका की ओर से कुमार संघकारा ने 76, महेला जयवर्धने ने 85 और चमारा सिल्वा ने 55 रनों का योगदान दिया.
बरमूडा की तरफ से सिर्फ एक बल्लेबाज़ लियोनेल कैन ने ही कुछ करने की कोशिश की और 28 गेदों में 31 रन बनाए.
इस मैच में श्रीलंका ने अपने सभी वरिष्ठ खिलाड़ियों को स्थान दिया और गेंदबाज़ी में चमिंडा वास और मुथ्थैया मुरलीधरन जैसे दिग्गज़ों को जगह दी जिनके सामने बरमूडा की टीम कहीं ठहर नहीं पाई.
हालांकि मुरलीधरन को सिर्फ दो और वास को एक विकेट मिला. बाकी दो गेंदबाज़ों मलिंगा ने तीन और मारुफ ने चार विकेट झटके.
बरमूडा की ओर से सबसे सफल गेंदबाज़ रहे हर्डल जिन्होंने नौ ओवर में 61 रन देकर दो विकेट लिए.