भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष शरद पवार ने कहा है कि प्रसारण पर विवाद निराधार है और इसपर कोई भी फैसला सरकार की समिति ही करेगी.
बीसीसीआई अध्यक्ष की ओर से यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब निंबस की ओर से बीसीसीआई को मैच प्रसारण के मसले पर एक नोटिस जारी की गई है.
नोटिस में कहा गया है कि अगर अध्यादेश लागू करके प्रसारण के फीड देने के लिए बाध्य किया गया तो निंबस बीसीसीआई के साथ अपना 2010 तक का अनुबंध बीच में ही खत्म कर सकता है.
मंगलवार को जारी किए गए इस नोटिस पर टिप्पणी करते हुए पवार ने कहा, "इस मसले पर जो भी निर्णय होना है वह सरकार की ओर से गठित समिति को करना है. समिति इस मसले पर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी जिसके बाद कोई फैसला लिया जा सकता है."
जब उनसे पूछा गया कि निंबस की ओर से दी गई इस धमकी को वो किस तरह से देखते हैं, उन्होंने कहा कि इस मामले पर किसी भी तरह के गतिरोध की बात निराधार है.
गतिरोध नहीं
शरद पवार ने कहा, "बीसीसीआई और निंबस, दोनों ही लोगों को मुफ़्त में मैच दिखाना चाहते हैं, फिर कोई गतिरोध कहाँ रह जाता है. हम कोशिश करेंगे कि इस मसले को बैठकर निपटा लिया जाएगा."
निंबस के इस नोटिस के बाद बीसीसीआई की ओर से आनन-फानन में एक बैठक बुलाई गई. हालांकि बीसीसीआई अध्यक्ष इस बात से मुकर गए कि ऐसा निंबस की धमकी के चलते हुआ है.
उन्होंने कहा कि बैठक टीम इंडिया की सुरक्षा, तैयारी, मनोबल और लोगों की उनसे अपेक्षा जैसे कई बिंदुओं पर विचार करने के लिए बुलाई गई है.
ग़ौरतलब है कि निम्बस ने भारत में खेले जानेवाले क्रिकेट मैचों के प्रसारण अधिकार चार वर्ष के लिए 61 करोड़ 20 लाख डॉलर में बीसीसीआई से खरीदे हैं.