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शनिवार, 24 फ़रवरी, 2007 को 14:18 GMT तक के समाचार

लंदन ओलंपिक का ख़र्च चार गुना बढ़ा

अनुमान लगाया गया है कि लंदन में वर्ष 2012 में होने वाले ओलंपिक खेलों के आयोजन बजट में शुरुआती आकलन से चार गुना वृद्धि हो सकती है.

मेज़बानी के लिए लंदन की दावेदारी की बोली लगाते समय यह ख़र्च 2.35 अरब पाउंड आँका गया था.

बीबीसी को मिली जानकारी के अनुसार ब्रिटेन के वित्त मंत्रालय और संस्कृति, खेल और मीडिया विभाग यानी डीसीएमएस ओलंपिक बजट को नौ अरब पाउंड करने पर विचार कर रहा है.

सरकार के अनुसार केवल निर्माण कार्य पर ही 3.3 अरब पाउंड की लागत आने की उम्मीद है.

डीसीएमएस का कहना है कि बजट को लेकर चर्चा अभी जारी है और इसकी घोषणा बाद में की जाएगी.

ग़ौरतलब है कि वर्ष 2005 में लंदन को ओलंपिक खेलों की मेज़बानी मिलने के बाद से ही इसके आयोजन को लेकर अनुमानित बजट में लगातार बढ़ोत्तरी होती रही है.

'सफाई दें वित्त मंत्री'

निर्माण पर लागत बढ़ने के साथ ही आकस्मिक कोष के लिए दो अरब पाउंड आबंटित किए गए हैं.

इसके अलावा पुनर्निमाण की मद में एक अरब 80 करोड़ पाउंड और एक अरब पाउंड का वैट बिल भी जोड़ दिया गया है. सुरक्षा पर होने वाला ख़र्च भी 90 करोड़ पाउंड तक पहुँच चुका है.

इस बीच संस्कृति मंत्रालय पर नज़र रखने वाले विपक्षी नेता ह्यूगो स्वायर का कहना है कि बजट बढ़ने की ख़बर आश्चर्यजनक है और वित्त मंत्री गॉर्डन ब्राउन को इसकी ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए क्योंकि उन्होंने ही मूल बजट को स्वीकृति दी थी.

उन्होंने कहा, ''इसमें कोई शंका नहीं है कि बजट में भारी वृद्धि से देशभर में लोग चिंतित होंगे इसलिए ब्राउन को सफाई देनी चाहिए कि इसे नियंत्रित करने के लिए वे क्या कर रहे हैं.''

इस बीच वित्त मंत्रालय और डीसीएमएस में बजट को लेकर मतभेद की ख़बरें भी हैं लेकिन डीसीएमएस ने इससे इनकार किया है.

डीसीएमएस के प्रवक्ता ने कहा, ''मतभेद जैसी कोई बात नहीं हैं. कई सारे लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए सरकारी स्तर पर बातचीत जारी है और बजट के बारे में औपचारिक घोषणा जल्द ही की जाएगी.''