गुरुवार, 22 फ़रवरी, 2007 को 14:39 GMT तक के समाचार
विंबल्डन टेनिस के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है जब महिला खिलाड़ियों को भी पुरुषों की पुरस्कार राशि के बराबर ईनाम दिया जाएगा.
खिलाड़ियों और खेल अधिकारियों की ओर से इस बात को लेकर आलोचना की जाती रही है कि महिला खिलाड़ियों के साथ सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है.
इन्हीं आलोचनाओं के बाद अब ऑल ईंग्लैंड क्लब यह घोषणा की है.
इस घोषणा के बाद अब शीर्ष विजेताओं से लेकर पहले राउंड से ही बाहर होने वाले खिलाड़ियों तक के स्तर पर महिलाओं और पुरुषों के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा और उन्हें समान राशि दी जाएगी.
विंबल्डन के अलावा अन्य ग्रैंड स्लैम प्रतियोगिताओं में पहले से ही पुरुष और महिला खिलाड़ियों को समान पुरस्कार राशि दी जाती है.
हालांकि फ्रेंच ओपन में केवल ख़िताब के विजेताओं को ही समान राशि दी जाती है.
वर्ष 2006 के विंबल्डन विजेता रॉजर फ़ेडरर को छह लाख 55 हज़ार पाउंड की राशि दी गई थी जबकि महिला एकल का ख़िताब जीतने वाली एमिली मोरेस्मो को छह लाख 25 हज़ार पाउंड की राशि दी गई थी.
एक सराहनीय निर्णय
ऑल ईंगलैंड क्लब के प्रमुख टिम फिलिप्स ने इसकी घोषणा करते हुए कहा, "चैंम्पियनशिप समिति ने यह तय किया है कि यह इस मुद्दे को एक तार्किक निष्कर्ष तक पहुँचाने और सभी भेदभाव मिटाने का उचित समय है."
तीन बार की विंबल्डन विजेता वीनस विलियम्स ने इस निर्णय पर खुशी जताते हुए कहा, "दुनिया की महानतम टेनिस प्रतियोगिता आज और भी अधिक महानता की ऊँचाई पर पहुँच गई है."
एक अन्य भूतपूर्व चैंम्पियन मारिया शारापोवा ने कहा, "विश्व टेनिस में विंबल्डन हमेशा से कई मामलों में अग्रणी रहा है. इस निर्णय के बाद से दुनिया की महान खेल प्रतिस्पर्धाओं में से एक विंबल्डन और महिला खिलाड़ियों के बीच का रिश्ता और मजबूत ही होगा."
पिछले वर्ष प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री टेसा जोवेल ब्रिटिश टेनिस की शासकीय संस्था लॉन टेनिस एसोसिएशन में शामिल हुए थे.
इस असमानता को खत्म करने का आह्वान करने के लिए उन्होंने दुनिया भर में महिलाओं की खेल प्रतिस्पर्धा कराने वाली संस्था वीमेन्स टेनिस एसोसिएशन की भी सदस्यता ग्रहण की थी.