शुक्रवार, 16 फ़रवरी, 2007 को 12:12 GMT तक के समाचार
विश्व कप से पहले विश्व चैम्पियन ऑस्ट्रेलियाई टीम की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं. पहले इंग्लैंड के हाथों त्रिकोणीय सिरीज़ गँवाई और अब न्यूज़ीलैंड के हाथों ऐतिहासिक हार.
पिछले तीन वनडे मैचों में तीन हार. वेलिंगटन में हुए पहले एक दिवसीय मैच में न्यूज़ीलैंड ने विश्व चैम्पियन को मात दी और हार भी ऐसी जो आज तक उसे नहीं मिली थी.
शेन बॉन्ड की शानदार गेंदबाज़ी और फिर लू विंसेंट और कप्तान फ़्लेमिंग की बेजोड़ बल्लेबाज़ी ने ऑस्ट्रेलिया को बेदम कर दिया और उसे 10 विकेट से हार मिली.
एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में ऑस्ट्रेलिया को इससे पहले 10 विकेट से कोई नहीं हरा पाया था. ऑस्ट्रेलिया की टीम की बागडोर माइक हसी के हाथ में थी.
क्योंकि कप्तान रिकी पोंटिंग और एडम गिलक्रिस्ट नहीं खेल रहे. जबकि इस टीम में एंड्रयू साइमंड्स, माइकल क्लार्क और ब्रेट ली घायल होने के कारण नहीं शामिल किए गए थे.
लेकिन इससे ऑस्ट्रेलिया की निराशा कम नहीं होगा. बाद में कप्तान हसी ने इसे स्वीकार भी कहा. उन्होंने इसे निराशाजनक कहा और माना कि दौर अच्छा नहीं.
वेलिंगटन में टॉस जीतकर मेजबान न्यूज़ीलैंड ने पहले फ़ील्डिंग करने का फ़ैसला किया. मुश्किल दौर और मुश्किल सफ़र. ऑस्ट्रेलिया ने 45 रन पर अपने तीन विकेट गँवा दिए.
मैथ्यू हेडन ने तो 14 रन बनाए लेकिन उनसे पहले जैक्स एक और हैडिन छह रन बनाकर पवेलियन लौट चुके थे. बाद में कप्तान माइक हसी 42, ब्रेड हॉज 22, ब्रैड हॉग 20 और ह्वाइट ने 13 रन बनाए.
निराशा
लेकिन इससे कुछ ख़ास होना था नहीं और हुआ भी नहीं. ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 49.3 ओवर में 148 रन बनाकर आउट हो गई.
न्यूज़ीलैंड की ओर से स्टार रहे शेन बॉन्ड, जिन्होंने 23 रन देकर पाँच विकेट लिए. गिलेस्पी और वेटोरी को दो-दो विकेट मिले. मैकमिलन के खाते में भी एक विकेट आया.
ऑस्ट्रेलियाई टीम की संघर्ष करने की क्षमता और पहले के कई मैचों के उदाहरण देखते हुए ऐसा लग रहा था कि ये स्कोर भी संघर्ष करने लायक़ होगा.
लेकिन बाद में जो सामने आया, वो ऑस्ट्रेलिया के लिहाज़ से बहुत बुरा था. मैकग्रॉ तो थोड़ा कम पिटे लेकिन क्या जॉनसन क्या हॉग, क्या वॉटसन और क्या ब्रैकेन- सभी की जम कर पिटाई हुई.
लक्ष्य इतना कम था और लू विंसेंट और फ्लेमिंग आक्रमक मूड में था. दोनों ने अपने बल्ले का दम दिखाया और 27 ओवर में ही बिना विकेट गँवाए लक्ष्य हासिल किया.
विंसेंट ने 87 गेंदों में 73 रन बनाए तो कप्तान फ़्लेमिंग ने 76 गेंदों में 70 रन. नतीजा विश्व चैम्पियन की 10 विकेट से करारी मात. ऐसी मात जो उन्हें पहले कभी नहीं मिली.
तीन मैचों की सिरीज़ में मेजबान को मिली 1-0 की बढ़त. प्लेयर ऑफ़ द मैच रहे शानदार शेन बॉन्ड.