रविवार, 11 फ़रवरी, 2007 को 17:35 GMT तक के समाचार
चीन की राजधानी बीजिंग में अगले साल होने वाले ओलंपिक से पहले एक अभियान चलाया जा रहा है.
इस अभियान के तहत कोशिश की जा रही है कि लोग क़तार का महत्व समझें और उसे न तोड़ें. चाहे वो बस स्टॉप की क़तार हो या फिर दुकान में.
ये अभियान राजधानी बीजिंग के 12 अलग-अलग इलाक़ों में चलाया जा रहा है. अभियान का हिस्सा हैं हज़ारों स्वयंसेवी जो लाउडस्पीकर पर लोगों को बता रहे हैं कि “ लाइन में खड़े होना सभ्य समाज की निशानी है और विनम्र होना महानता की.”
बीजिंग के सबसे फ़ैशनेबल इलाक़ों में ये स्वयंसेवी अब से हर महीने की ग्यारह तारीख़ को ये अभियान चलाएँगे. हालांकि ये एक सरकारी अभियान है लेकिन आम लोगों का उत्साह भी देखते बनता है.
बँधी हुई मुट्ठियों के साथ हाथ उठाकर लोग इस अभियान के साथ होने का इशारा देते हैं, एक बीजिंग निवासी ने कहा, “ ये बेहद ज़रूरी है क्योंकि चीन एक प्राचीन और महान देश है लेकिन हमें अभी बेहतर व्यवहार के तौर तरीके सीखने हैं. इससे पूरे देश के लोगों की ज़िंदगी भी बेहतर होगी.”
एक और चीनी सज्जन का कहना था, “ ओलंपिक सर पर हैं, दुनिया भर के लोग हमारे देश में आएँगे. विदेशियों को भी महसूस होना चाहिए कि हम चीनी महान परंपरा से जुड़े हुए लोग हैं.”
तो ये तो बात हुई क़तार में खड़े होने की, लेकिन अभी दो और आदतों पर क़ाबू पाने के लिए चीनी अधिकारी अभियान चलाना चाहते हैं – एक तो इधर-उधर थूकना और दूसरा कहीं भी कचरा फेंक देना.
वर्ष 2008 के ओलंपिक खेलों के लिए चीन में तैयारियाँ ज़ोर पर हैं और चीन कोई कोर-क़सर नहीं छोड़ना चाहता अपने आपको एक बेहतर देश साबित करने के इस अवसर का लाभ उठाने में.