शुक्रवार, 09 फ़रवरी, 2007 को 11:40 GMT तक के समाचार
भारतीय क्रिकेट टीम के मैचों के सीधे प्रसारण को लेकर दूरदर्शन और निम्बस के बीच जारी गतिरोध पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई सोमवार तक टाल दी है.
निम्बस ने भारत के मैचों के सीधे प्रसारण की 'फीड' को अनिवार्य रूप से प्रसार भारती के साथ बाँटने के केंद्र सरकार के अपलिंकिंग संबंधी दिशा-निर्देशों को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.
इसपर शुक्रवार को हाईकोर्ट ने कहा कि वो इस मामले में सोमवार यानी 12 फरवरी को सुनवाई करेंगे.
माना जा रहा है कि सोमवार को होने वाली सुनवाई के बाद इस मामले में कोई फ़ैसला या अंतरिम आदेश जारी किया जा सकता है.
इससे पहले पिछले महीने दोनों पक्षों का तर्क सुनने के बाद न्यायाधीश बीडी अहमद ने अंतरिम व्यवस्था देते हुए दूरदर्शन पर क्रिकेट मैचों का प्रसारण सात मिनट देर से करने का फ़ैसला सुनाया था.
इसके बाद मामले की सुनवाई स्थगित कर दी गई थी.
अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल पीपी मल्होत्रा ने कोर्ट को बताया था कि सरकार इस मामले में अध्यादेश भी जारी कर चुकी है जिसके तहत निजी प्रसारकों के लिए भारत के मैचों के सीधे प्रसारण की फीड दूरदर्शन को देना अनिवार्य है.
यह अध्यादेश अपलिंकिंग संबंधी दिशा-निर्देश जारी करने के समय से यानी नवंबर, 2005 से ही प्रभावी है.
नोटिस
इस मामले में निम्बस की ओर से मौलिक अधिकार के हनन का तर्क देते हुए याचिका दायर करने पर सवाल उठाते हुए पीपी मल्होत्रा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार सिर्फ़ सरकार ही ऐसी याचिका दायर कर सकती है.
उन्होंने कहा कि अब जब सरकार अध्यादेश जारी कर चुकी है निम्बस की याचिका खारिज कर देनी चाहिए.
उधर, अध्यादेश जारी करने के बावजूद दूरदर्शन को सीधे प्रसारण की फीड न देने पर सरकार ने निम्बस को कारण बताओ नोटिस भेजने का फ़ैसला लिया है.
सूत्रों के अनुसार प्रसार भारती ने सरकार से शिकायत की है कि अध्यादेश जारी होने के बावजूद निम्बस ने उसे देर से फीड दी.
इस बाबत निंबस का कहना है कि मामला अभी कोर्ट में है और वह इस मुद्दे पर हाईकोर्ट के निर्देश का इंतज़ार कर रहा है.
इस मामले पर गुरुवार को समय के अभाव के चलते सुनवाई पूरी नहीं हो सकी थी और बाकी की सुनवाई शुक्रवार को होनी है.
ग़ौरतलब है कि निम्बस ने भारत में खेले जानेवाले क्रिकेट मैचों के प्रसारण अधिकार चार वर्ष के लिए 61 करोड़ 20 लाख डॉलर में बीसीसीआई से खरीदे हैं.