सोमवार, 15 जनवरी, 2007 को 20:50 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के ख़िलाफ़ पहले टेस्ट मैच में नस्लभेदी टिप्पणियाँ करने के लिए दक्षिण अफ़्रीकी खिलाड़ी हर्शल गिब्स पर दो टेस्ट मैचों के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है.
यह प्रतिबंध मैच रेफ़री क्रिस ब्रोड ने लगाया है.
यह सज़ा इस तरह की अपराध के लिए दी जाने वाली अधिकतम सज़ा की आधी ही है.
मैच के चौथे दिन गिब्स की ये टिप्पणियाँ स्टंप के कैमरे में आ गई थीं और उनका टेलीविज़न पर प्रसारण भी हो गया था.
दक्षिण अफ़्रीकी क्रिकेट बोर्ड का कहना है कि गिब्स ने ये टिप्पणियाँ तब की थीं जब फ़ील्डर पॉल हैरिस को कुछ दर्शकों ने परेशान किया था.
सेंचुरियन मैदान से उस दिन कई दर्शकों को ख़राब व्यवहार के कारण बाहर निकाल दिया गया था.
बोर्ड के अधिकारी गेराल्ड मजोला का कहना है, "गिब्स ने कहा है कि उन्होंने यह टिप्पणी अपने साथियों के सुनने के लिए की थीं."
"यदि उनकी टिप्पणी से कोई आहत हुआ हो तो उन्होंने इसके लिए माफ़ी माँगी है."
सेंचुरियन में 94 रन बनाकर टीम को सात विकटों से जीत दिलाने वाले गिब्स अब पाकिस्तान के ख़िलाफ़ पूरी सिरीज़ में नहीं खेल पाएँगे.
इसके अलावा दक्षिण अफ़्रीकी क्रिकेट बोर्ड मंगलवार को इस मामले की अलग से सुनवाई कर रहा है.
उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल के नियमों के मुताबिक़ किसी भी व्यक्ति की नस्ल, जाति, रंग और राष्ट्रीयता को लेकर अपमानजनक टिप्पणी करने या भावमुद्रा बनाने की अनुमति नहीं है.
मैच रेफ़री का कहना है कि हालांकि दर्शक के व्यवहार से क्षुब्ध होकर यह टिप्पणी की गई थी लेकिन क्रिकेट में नस्लभेद का कोई स्थान नहीं है इसलिए यह सज़ा ठीक है.
टीम के कप्तान स्मिथ ने कहा है कि वे गिब्स का बचाव नहीं कर रहे हैं लेकिन उन्होंने उन परिस्थितियों की कड़ी निंदा की है जिनमें टिप्पणी की गई थी.