मंगलवार, 02 जनवरी, 2007 को 01:53 GMT तक के समाचार
दक्षिण अफ़्रीका के साथ केपटाउन में आज से शुरू हो रहे तीसरे और अंतिम टेस्ट मैच को जीत कर भारत सिरीज़ अपने नाम करने की कोशिश करेगा.
अभी दोनों टीमों ने एक-एक मैच जीता है.
पहली बार दक्षिण अफ़्रीका में टेस्ट सिरीज़ जीतने की राह में भारत की सबसे बड़ी बाधा उसकी ख़राब बल्लेबाज़ी है. ख़ास तौर से पिछले दोनों मैचों में सलामी बल्लेबाज़ विकेट पर टिकने में नाकाम रहे.
डरबन में हुए दूसरे टेस्ट मैच में मौसम की मेहरबानी से खेल बाधित होने के बावजूद पाँचवें दिन भारतीय बल्लेबाज़ क्रीज़ पर नहीं टिक सके और भारत मैच गँवा बैठा. इसके साथ ही पहले मैच में जीत से मिली बढ़त भी जाती रही.
इस हिसाब से केपटाउन में भारत के ऊपरी क्रम के बल्लेबाज़ों पर अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव रहेगा.
ख़ुद कप्तान राहुल द्रविड़ बुरे दौर से गुजर रहे हैं और कभी मैच जिताऊ पारियाँ खेलने वाले विस्फोटक बल्लेबाज़ वीरेंद्र सहवाग के सितारे भी गर्दिश में हैं.
सलामी जोड़ी की विफलता पर मुख्य चयनकर्ता दिलीप वेंगसरकर ने निराशा जताते हुए कहा, "जब तक आपको अच्छी शुरुआत नहीं मिलती आप बड़ा स्कोर नहीं खड़ा कर सकते. अगर आप 300 रन बनाना चाहते हैं तो टीम को अच्छी शुरुआत मिलनी चाहिए."
विकेटकीपर बल्लेबाज़ महेंद्र सिंह धोनी उंगलियों में चोट से परेशान हैं लेकिन टीम मैनेजमेंट को उम्मीद है कि वो मैच से पहले फिट हो जाएंगे.
बदलाव
उधर दक्षिण अफ़्रीकी टीम निर्णायक मुक़ाबले में तेज़ गेंदबाज़ मोर्ने मोर्केल की जगह स्पिनर पॉल हैरिस को टेस्ट कैप पहना सकती है.
मेजबान टीम अपने हरफ़नमौला खिलाड़ी जैक कैलिस के चोटिल होने से परेशान है. उन्हें पीठ में तक़लीफ है जिसके कारण वो दूसरा टेस्ट नहीं खेल सके थे. तीसरे टेस्ट में उन्हें खेलाने का फ़ैसला मेडिकल जाँच रिपोर्ट के आधार पर तय होगा.
दक्षिण अफ़्रीकी टीम के कप्तान ग्रेम स्मिथ दूसरे टेस्ट में 174 रनों से मिली जीत से उत्साहित हैं. हालाँकि तीसरे मैच के बारे में उनका कहना था, "हमारे पाँव बिल्कुल ज़मीन पर हैं. हमें पता है कि क्या करना है. ये एक नई शुरुआत होगी."
भारत गेंदबाज़ी आक्रमण को धारदार बनाने के लिए मुनाफ़ पटेल या ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह को वीरआरवी सिंह की जगह मैदान पर उतार सकता है.