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मंगलवार, 19 दिसंबर, 2006 को 19:18 GMT तक के समाचार

चैपल करने लगे गांगुली की तारीफ़

दस महीने पहले भारतीय क्रिकेट टीम के कोच ग्रेग चैपल और तत्कालीन टीम कैप्टन सौरव गांगुली के बीच 36 का आँकड़ा था.

दोनों के बीच ईमेल से लेकर सार्वजनिक बयानबाज़ी तक क्या कुछ नहीं हुआ.

जब सौरव गांगुली को टीम से निकाला गया तो कहा गया कि कोच चैपल की वजह से ही उन्हें जाना पड़ा है.

लेकिन वही ग्रेग चैपल अब उसी सौरव गांगुली की तारीफ़ कर रहे हैं.

उल्लेखनीय है कि दक्षिण अफ़्रीका के दौरे पर गई भारतीय टीम का प्रदर्शन एक दिवसीय मैचों में बहुत ख़राब रहने के बाद टेस्ट टीम में सौरव गांगुली को फिर से लेकर वहाँ भेजा गया.

गांगुली ने पहले टेस्ट में अपनी उपयोगिता साबित करते हुए पहली पारी में 51 अविजित रन बनाए और दूसरी पारी भी बुरी नहीं रही.

'व्यक्तिगत नहीं'

मंगलवार को जोहानसबर्ग में भारतीय टीम के कोच ने कहा कि एक बैट्समैन के रुप में गांगुली के पास दिखाने को बहुत कुछ है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार ग्रेग चैपल ने पुराने विवाद पर अपनी सफ़ाई देते हुए कहा, "वह मेरी ओर से कभी व्यक्तिगत नहीं था. वह तो टीम की सामूहिक बेहतरी के लिए उठाया गया क़दम था."

उन्होंने कहा, "शायद सौरव को बाहर कुछ समय बिताकर और ज़्यादा एकाग्र दृष्टि के साथ लौटने की ज़रुरत थी."

उनका कहना था, "बल्लेबाज़ के रुप में सौरव गांगुली के पास दिखाने को बहुत कुछ है लेकिन पिछले साल ज़िम्बाब्वे में कप्तानी के चलते वे मानसिक रुप से मुक्त नहीं हो पा रहे थे."

उन्होंने कहा, "वे हमेशा दृढ़इच्छाशक्ति वाले थे और उनमें टेस्ट में भारत का प्रतिनिधित्व करने की चाहत थी."

ग्रेग चैपल ने कहा कि संबंधों को लेकर अटकलों के जो बादल मंडरा रहे थे अब उनके छँटने का समय आ गया है.

उन्होंने सौरव गांगुली के मध्यक्रम में बल्लेबाज़ी करने की हिमायत की.

भारतीय टीम के विवादित कोच ने कहा कि वे टीम की रणनीति पर फिर से विचार करने को तैयार हैं.