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सोमवार, 18 दिसंबर, 2006 को 18:00 GMT तक के समाचार

एलआर जगदीशन
बीबीसी संवाददाता, चेन्नई

विवादों के बावजूद शांति सम्मानित

विवादों से घिरे होने के बावजूद तमिलनाडु सरकार ने एथलीट शांति सौदराराजन को सम्मानित किया है. उन्हें तमिलनाडु के मुख्यमंत्री करुणानिधि ने 15 लाख रुपए और 42 इंची प्लाज्मा टीवी भेंट किया.

गौ़रतलब है कि एशियाई खेलों में महिलाओं की श्रेणी में रजत पदक पाने वाली भारत की एथलीट शांति सौदराराजन के परीक्षण के बाद पाया गया है कि वो महिला नहीं हैं.

इस बात की आशंका व्यक्त की जा रही है कि उन्हें अपना रजत पदक लौटाना पड़ सकता है.

तमिलनाडु मुख्यमंत्री करुणानिधि ने इनाम की राशि सौंपते हुए शांति सौदराराजन से पूछा,'' तुम्हें अपने आप पर भरोसा है?''

शांति ने कहा,'' जी हाँ.'' इस पर करुणानिधि ने कहा कि '' तो हिम्मत मत हारना.''

तमिलनाडु सरकार ने विवादों को देखते हुए पुरस्कार की राशि वापस लेने की संभावना से इनकार कर दिया.

राज्य के खेल मंत्री मोहिद्दीन ख़ान ने कहा कि सरकार को ऐसी कोई सूचना नहीं मिली है कि शांति का पदक वापस लिया जा रहा है.

खेल मंत्री ने कहा,'' हमें उन पर भरोसा है और हम सभी को प्रार्थना करनी चाहिए कि उनसे पदक नहीं छीना जाएगा.''

शांति के पिता एक श्रमिक हैं और पूरा परिवार एक कच्चे घर में रहता है जहाँ बिजली भी नहीं है.

शांति के कोच नागराजन का कहना है कि उन्हें इस ख़बर से धक्का लगा है. उनका कहना था,'' मैं उन्हें पिछले दो साल से जानता हूँ लेकिन मुझे कभी संदेह नहीं हुआ.''

परीक्षण

शांति ने इसी महीने दोहा में हो रहे एशियाई खेलों में महिला वर्ग में 800 मीटर की दौड़ में रजत पदक जीता था.

शांति शायद तीसरी ऐसी खिलाड़ी हैं जिन्हें लिंग परीक्षण में ग़लत ठहराया गया है.

इस बारे में जानकारी देते हुए भारतीय ओलंपिक संघ के चिकित्सा आयोग के प्रमुख डॉक्टर मनमोहन सिंह ने बताया कि शांति का दोहा में लिंग परीक्षण किया गया था जिसके बाद जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि वो इस परीक्षण में फेल हो गईं.

हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए इस तरह का परीक्षण अनिवार्य नहीं है पर यदि अधिकारी इसकी ज़रूरत समझते हैं या साथी खिलाड़ी इसपर आपत्ति करते हैं तो लिंग परीक्षण किया जाता है.

उनका यह परीक्षण नौ दिसंबर को प्रतियोगिता जीतने के बाद किया गया.

अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि एशियाई खेलों में किए गए परीक्षण में वो क्यों ग़लत साबित हो गईं.