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बुधवार, 13 दिसंबर, 2006 को 11:07 GMT तक के समाचार

पेस-भूपति ने स्वर्ण दिलाया, सानिया चूकी

दोहा एशियाई खेलों में बुधवार को भारत को टेनिस में मिला जुला दिन देखने को मिला.

एक ओर जहाँ लिएंडर पेस और महेश भूपति की जोड़ी ने डबल्स में भारत को स्वर्ण दिलाया वहीं सानिया मिर्ज़ा स्वर्ण से चूक गईं और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा.

पुरुषों के डबल्स मुकाबले में पेस-भूपति की जोड़ी ने थाईलैंड के जुड़वा भाईयों की जोड़ी सनचाई रातिवटाना-सोनचट रातिवटाना को 5-7, 7-6, 6-3 से हराया.

और लोगों की उम्मीदों पर खरे उतरते हुए भारत को स्वर्ण पदक दिलाया.

पेस और भूपति ने एक साथ तीन ग्रैंड स्लैम प्रतियोगिताएँ जीती हैं.

उधर टेनिस के सिंगल्स में स्वर्ण पदक की भारत की उम्मीदों पर तब
पानी फिर गया जब सानिया फ़ाइनल में हार गईं.

सानिया चूकी

स्वर्ण की प्रबल दावेदार सानिया मिर्ज़ा बुधवार को सिंगल्स के फ़ाइनल मुकाबले में चीन की जंग जियाह से 6-4,1-6,6-1 से हार गईं.

इस तरह सानिया और भारत दोनों को रजत पदक से संतोष करना पड़ा.

मुकाबला शुरु से ही कांटे का माना जा रहा था. अगर सानिया एशियाई खेलों में बेहतरीन फ़ॉर्म में थी तो जंग जियाह का प्रदर्शन भी इस साल शानदार रहा है.

मैच का पहला सेट जंग जियाह ने 6-4 से जीतकर शुरुआती बढ़त हासिल कर ली थी.

पहले ही सेट में सानिया ने कई ग़लतियाँ की. सेट में जंग 2-4 से आगे चल रही थी, फिर सानिया ने खेल 4-4 से बराबर भी किया लेकिन जंग आख़िरकार सेट 6-4 से जीत गईं.

लेकिन दूसरे सेट में सानिया ने शानदार वापसी की और जंग जियाह को कोई मौका नहीं दिया. दूसरा सेट सानिया ने 6-1 से जीत लिया.

अब पूरा मैच तीसरे सेट के नतीजे पर टिका हआ था और सानिया के कंधों पर था भारत को स्वर्ण दिलाने का दारोदमार.

पिछले मैचों की तरह ही भारतीय दर्शकों ने सानिया का भरपूर समर्थन किया.

लेकिन तीसरे सेट में जंग जियाह ने सानिया को मैच में पकड़ बनाने का मौका ही नहीं दिया. लभगग एक तरफ़ा सेट में सानिया को 1-6 से मात खानी पड़ी.

चीन की जंग जियाह मैच 6-4,1-6,6-1 से जीत गईं.

जंग जियाह ने इस वर्ष अपने ही देश की यान ज़ी के साथ मिलकर विंबल्डन और ऑस्ट्रेलियाई ओपन के डबल्स खिताब भी जीते हैं.