आस्ट्रेलिया के 35 वर्षीय बल्लेबाज़ डेमियन मार्टिन ने हर स्तर के क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की है.
एशेज़ सिरीज़ के तीसरे टेस्ट के लिए टीम की घोषणा से ठीक पहले 35 साल के मार्टिन ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड को अपने फ़ैसले के बारे में सूचित किया.
उन्होंने संकेत दिया था कि अब उनमें अपना श्रेष्ठतम प्रदर्शन करने का आत्मविश्वास नहीं है. दाएँ हाथ के बल्लेबाज़ डेमियन मार्टिन ने 67 टेस्ट मैचों में 46.37 की औसत से 4,406 रन बनाए हैं.
अपने फ़ैसले के बारे में डेमियन मार्टिन ने कहा, " पिछले 48 घंटों में जब मैं यह फैसला कर रहा था तब मुझे इस बात का एहसास था कि ऐसा करने पर मैं कुछ दोस्तों को खो दूँगा."
मार्टिन का मानना है कि यदि वे इसी तरह कमज़ोर प्रदर्शन करते रहते तो वे आत्मसम्मान के साथ-साथ अपने उन साथी खिलाड़ियों की दोस्ती भी खो देते जिन्हें उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहती थी.
सराहना
ऑस्ट्रेलिया के कप्तान रिकी पोंटिंग ने टेस्ट और एक दिवसीय क्रिकेट में टीम को मिली सफलता में मार्टिन के योगदान की सराहना की.
पोंटिंग ने मार्टिन की गिनती दुनिया के उन खिलाड़ियों में की जिनके योगदान की सराहना ज़रूरत से कम की गई.
तीसरे ऐशेज़ टेस्ट में मार्टिन की जगह 27 वर्षीय एडम वोग्स को टीम में शामिल किया गया है जिन्होंने अब तक टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला है.
डेमियन मार्टिन नें 208 एक दिवसीय मैच खेले और 40 की औसत से 5,346 रन बनाए जिनमें पाँच शतक और 37 अर्धशतक शामिल हैं.
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेम्स सदरलैंड ने कहा, "डेमियन मार्टिन का फ़ैसला हमारे लिए आश्चर्यजनक है लेकिन हम उनके इस फ़ैसले का पूरा सम्मान करते हैं ”.
पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ईयन चैपल ने कहा कि वे सही समय पर फ़ैसला करने के लिए मार्टिन का सम्मान करते हैं.
मार्टिन ने वर्ष 2003 के विश्व कप के फाइनल में उँगली टूटी होने के बावजूद भारत के ख़िलाफ़ बल्लेबाज़ी की और नाबाद 88 रन बनाए.
हाल ही में आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफ़ी में ऑस्ट्रेलिया की ख़िताबी जीत में भी डेमियन मार्टिन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.
चैम्पियंस ट्रॉफी में मार्टिन ने दो अर्धशतक बनाए और फ़ाइनल में वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ नाबाद 47 रनों का योगदान किया.