गुरुवार, 30 नवंबर, 2006 को 07:15 GMT तक के समाचार
दक्षिण अफ़्रीका में टेस्ट मैचों के लिए भारतीय टीम में पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली को फिर से टीम में शामिल कर लिया गया है.
राहुल द्रविड़ कप्तानी संभालते रहेंगे जबकि वीरेंदर सहवाग की जगह वीवीएस लक्ष्मण उपकप्तान बनाए गए हैं.
एक दिवसीय मैचों में बेहद ख़राब प्रदर्शन के बाद टेस्ट मैचों की चुनौती झेलने जा रही भारतीय टीम की घोषणा की गई है.
इस टीम में सचिन तेंदुलकर, वसीम जाफ़र, गौतम गंभीर, वीरेंदर सहवाग, महेंद्र सिंह धोनी, दिनेश कार्तिक, मुनाफ़ पटेल, ज़हीर ख़ान, श्रीसंत, वीआरवी सिंह, इरफ़ान पठान, अनिल कुंबले और हरभजन सिंह को शामिल किया गया है.
इसी तरह लगातार ख़राब प्रदर्शन कर रहे वीरेंद्र सहवाग को टीम से बाहर तो नहीं किया गया है लेकिन उनसे उपकप्तानी छीन ली गई है और उनकी जगह वीवीएस लक्ष्मण को यह ज़िम्मेदारी सौंप दी गई है.
फॉर्म में नहीं चल रहे कैफ़ भी बाहर कर दिए गए हैं और अगरकर टेस्ट टीम के लिए उपयुक्त नहीं पाए गए हैं.
दिलीप वेंगसरकर के नेतृत्व वाली पाँच सदस्यीय चयन समिति ने इस 16 सदस्यीय टीम को चयन किया है.
यह टीम पंद्रह दिसंबर से होने वाले तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलेगी.
सौरभ की वापसी
लंबे समय से मैदानों से लेकर संसद तक चल रही चर्चा के बाद आख़िर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली को फिर से टीम में शामिल कर लिया गया.
पिछले साल लगातार ख़राब प्रदर्शन की वजह से उन्हें टीम से बाहर किया गया था.
हालांकि इसके पीछे कोच ग्रेग चैपल के साथ उनके विवाद को ज़्यादा माना गया था और उनके प्रदर्शन को कम. उनके प्रशंसकों का कहना था कि उनके नेतृत्व में भारतीय टीम का प्रदर्शन अच्छा था.
विश्व कप से चार महीने पहले टीम में गांगुली की वापसी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
टीम में अपनी वापसी पर सौरभ गांगुली ने ख़ुशी ज़ाहिर की है और कहा है कि वे अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे.
उनका कहना था कि वे अपनी वापसी को एक सीरिज़ के लिए वापसी के रुप में देख रहे हैं और वे इसे इसी तरह देखते आए हैं.
उल्लेखनीय है कि उनको टीम से बाहर किए जाने के बाद से ही इस पर बहुत चर्चा हुई थी और सौरभ गांगुली की वापसी के लिए राजनीतिक हलकों से भी दबाव बनाने की कोशिश की गई थी.
हाल ही में दिलीप ट्रॉफ़ी में सौरभ गांगुली के बाद यह चर्चा चल ही रही थी कि अब उनकी टीम में वापसी हो सकती है, उस पर दक्षिण अफ़्रीका में एक दिवसीय मैचों में भारतीय टीम के निराशाजनक प्रदर्शन ने उनके दावे को पुख़्ता कर दिया.