शनिवार, 25 नवंबर, 2006 को 09:14 GMT तक के समाचार
नेत्रहीनों का विश्वकप फ़ुटबॉल अर्जेंटीना में शुरू हो चुका है. इसमें आठ देशों के बीच ख़िताबी मुकाबला होगा.
इस बार का मेज़बान अर्जेंटीना ही मौज़ूदा चैंपियन है.
अर्जेंटीना के साथ सात अन्य देश ब्राज़ील, पैराग्वे, इंग्लैंड, स्पेन, फ्रांस, जापान और दक्षिण कोरिया भी इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं.
इस प्रतियोगिता में पिछले चैंपियन अर्जेंटीना और ब्राज़ील को ख़िताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है. पहले ही मैच में ब्राज़ील ने फ्रांस को एक के मुक़ाबले चार गोलों से हराया.
नेत्रहीनों के इस विश्वकप के लिए नियमों में कुछ बदलाव किए गए हैं.
नए नियम
इस प्रतियोगिता के मैचों में ग्यारह की जगह एक टीम में पाँच खिलाड़ी हैं.
फुटबाल के अंदर धातुओं के छोटे-छोटे टुकड़े डाल दिए गए हैं जिससे खिलाड़ी आवाज़ सुनकर गेंद का अंदाज़ा लगा सकें.
मैदान के किनारे से टीमों के कोच हिदायतें देते रहेंगे जिससे दर्शक-दीर्घा में बैठी भीड़ अपनी उत्तेजना को शांत रख सके.
खिलाड़ी अपनी आँखों को ढकने के लिए एक मास्क पहनेंगे और कुछ खिलाड़ी अपने सरों पर गद्देदार फ़ॉम पहनेंगे जिससे उन्हें चोट न लगे.
ख़ास बात यह है कि नेत्रहीनों की इस फ़ुटबॉल प्रतियोगिता में गोलकीपर ऐसा खिलाड़ी होगा जो देख सकता हो.
रोचक प्रतियोगिता
ब्यूनस आयर्स से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस प्रतियोगिता में बिल्कुल वही रोमांच देखने को मिलने वाला है जैसा इसी वर्ष के शुरू में जर्मनी में हुए विश्व कप में देखने को मिला था.
जर्मनी में हुए विश्व कप की तरह यहाँ भी बड़े-बड़े टीवी कैमरा लग चुके हैं.
सभी टीमों के मैनेजर यह रणनीति बनाने में जुटे गए हैं कि आख़िर बाज़ी कैसे मारी जाए.
फ़ुटबॉल टीम के मैनेज़रों का कहना है कि हम हर टीम का सम्मान करते हैं लेकिन हमें डर किसी टीम से नहीं है.