शनिवार, 25 नवंबर, 2006 को 11:30 GMT तक के समाचार
ग्लेन मैकग्रॉ की घातक गेंदबाज़ी की बदौलत ऐशेज़ के पहले टेस्ट में इंग्लैंड की टीम अपनी पहली पारी में सिर्फ़ 157 रन बनाकर आउट हो गई. ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 602 रन बनाए थे.
इस टेस्ट मैच से पहले जिस खिलाड़ी के संन्यास लेने के बारे में अटकलें लगाई जा रही थी, उसी मैकग्रॉ ने 50 रन देकर छह विकेट झटके और दिखाया कि उनमें अभी भी काफ़ी दम है.
लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें फ़ॉलोऑन नहीं कराया और दूसरी पारी में भी अपनी बेहतरीन बल्लेबाज़ी का सिलसिला जारी रखा.
ब्रिसबेन में चल रहे पहले टेस्ट के तीसरे दिन का खेल ख़त्म होने तक ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी में एक विकेट के नुक़सान पर 181 रन बना लिए थे.
इस तरह उनकी कुल बढ़त 626 रनों की हो गई है. जिस विकेट पर इंग्लैंड की पूरी टीम सिर्फ़ 157 रनों पर आउट हो गई उसी विकेट पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों की धारदार बल्लेबाज़ी जारी रही.
पहली पारी में 196 रन बनाने वाले कप्तान रिकी पोंटिंग 51 और जस्टिन लैंगर 88 रन बनाकर नाबाद हैं. लैंगर ने पहली पारी में भी 82 रन बनाए थे. मैथ्यू हेडन 37 रन बनाकर रन आउट हुए.
इंग्लैंड की पारी
इंग्लैंड ने जब तीसरे दिन का खेल शुरू किया था तो उसका स्कोर था तीन विकेट के नुक़सान पर 53 रन. इयन बेल 13 और केविन पीटरसन छह रन बनाकर खेल रहे थे.
तीसरे दिन पहले विकेट के रूप में आउट हुए इयन बेल. जिन्हें 16 के निजी स्कोर पर मैकग्रॉ ने एलबीडब्लू आउट किया.
बल्लेबाज़ी में कप्तान फ़्लिंटफ़ की ग्रह दशा ख़राब ही नज़र आ रही है. उन्हें अपना खाता खोलने का भी मौक़ा नहीं मिला और वे ब्रेट ली के शिकार बने.
लेकिन दूसरे छोर से इयन बेल डटे रहे. बेल और गैरेन्ट जोन्स ने छठे विकेट के लिए 47 रनों की साझेदारी की. लेकिन पहले जोन्स 19 रन बनाकर आउट हुए तो इसके बाद अपना अर्धशतक जमा कर इयन बेल भी पवेलियन लौट गए.
इसके बाद एशले जाइल्स के 24 रनों के अलावा कोई भी बल्लेबाज़ नहीं टिक पाया. इंग्लैंड की पूरी टीम 157 रन बनाकर आउट हो गई.
ग्लेन मैकग्रा ने छह विकेट लिए. स्टुअर्ट क्लार्क ने तीन विकेट लिए जबकि ब्रेट ली के खाते में सिर्फ़ एक विकेट आया. शेन वॉर्न ने नौ ओवर ही किए और उन्हें कोई विकेट नहीं मिल पाया.