शुक्रवार, 10 नवंबर, 2006 को 12:21 GMT तक के समाचार
ऑस्ट्रेलिया के कप्तान रिकी पोंटिंग ने चैम्पियंस ट्रॉफ़ी के पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान अशोभनीय व्यवहार के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष शरद पवार से माफ़ी मांगी है.
चैम्पियंस ट्रॉफ़ी में जीत हासिल करने के बाद ट्रॉफ़ी लेते समय ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने शरद पवार के साथ धक्का-मुक्की की थी.
ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग ने अपनी ग़लती मानते हुए घटना को 'पूरी तरह असभ्य' कहा है. हालाँकि उन्हें पवार से माफ़ी मांगने के लिए काफ़ी मशक्कत करनी पड़ी.
क़रीब 36 घंटे की कोशिशों के बाद पोंटिंग बीसीसीआई अध्यक्ष शरद पवार से फ़ोन पर बात कर पाए.
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के प्रवक्ता पीटर यंग ने बताया, "पोंटिंग और पवार के बीच बातचीत अच्छे माहौल में हुई और दोनों ने यह फ़ैसला किया कि वे इस मामले को भी खेल भावना के तहत ही लेंगे."
उन्होंने बताया कि रिकी पोंटिंग ने अपनी और अपनी टीम की ओर से माफ़ी मांगी और शरद पवार ने इसे सदभावना के तहत स्वीकार कर लिया.
'अपमान नहीं'
पीटर यंग ने कहा कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया चाहता था कि इस मामले पर स्थिति स्पष्ट हो जाए. पवार को धक्का देने वाले डेमियन मार्टिन ने भी पवार से माफ़ी मांगी और कहा कि उनका मक़सद पवार का अपमान करना नहीं था.
चैम्पियंस ट्रॉफ़ी के फ़ाइनल में वेस्टइंडीज़ पर जीत हासिल करने के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम को ट्रॉफ़ी देने के लिए मंच पर थे बीसीसीआई के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री शरद पवार.
पहले तो रिकी पोंटिंग को शरद पवार से ट्रॉफ़ी मांगते देखा गया और फिर ट्रॉफ़ी मिलने के बाद ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने पवार को मंच से हटाने के लिए धक्का-मुक्की तक कर दी.
रिकी पोंटिंग ने पहले तो पवार को मंच से चले जाने का इशारा किया. लेकिन डेमियन मार्टिन ने तो हद ही कर दी. उन्होंने पवार को मंच से हटा जाने के लिए उनकी पीठ पर हाथ से धक्का दिया.
इस मामले को भारतीय मीडिया ने ख़ूब उछाया. जब सुनील गावसकर और सचिन तेंदुलकर जैसे खिलाड़ियों ने इस मामले में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की आलोचना की.
तो मामले ने और तूल पकड़ा और रिकी पोंटिंग पर इस बात के लिए दबाव बढ़ा कि वे शरद पवार से माफ़ी मांगे.