शुक्रवार, 03 नवंबर, 2006 को 11:30 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ शोएब अख़्तर और मोहम्मद आसिफ़ ने अपने ऊपर लगी पाबंदी के ख़िलाफ़ अपील करने का फ़ैसला किया है.
डोपिंग टेस्ट में दोषी पाए जाने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने शोएब अख़्तर पर दो और मोहम्मद आसिफ़ पर एक साल की पाबंदी लगाई है.
डोपिंग मामले पर मोहम्मद आसिफ़ ने पहली बार अपना मुँह खोला है. तेईस वर्षीय मोहम्मद आसिफ़ ने कहा कि उन्होंने जान-बूझकर कभी भी शक्तिवर्धक दवाएँ नहीं ली थी.
उन्होंने कहा, "मैं प्रतिबंध के ख़िलाफ़ अपील करूँगा और संघर्ष करूँगा. मैंने कभी सोचा नहीं था कि मेरे करियर में ऐसा समय आएगा."
दूसरी ओर शोएब अख़्तर के डॉक्टर हामिद तौसीफ़ रज़्ज़ाक़ ने कहा कि वे दुनिया को दिखा देंगे कि शोएब निर्दोष हैं.
उन्होंने कहा, "शोएब अख़्तर ने धोखा नहीं दिया है. वे कभी ऐसा नहीं कर सकते जिससे उनका या उनके देश का नाम बदनाम हो."
शोएब के डॉक्टर हामिद रज़्ज़ाक़ ने कहा कि विशेषज्ञों का एक पैनल इसे साबित कर सकता है कि दोनों खिलाड़ियों ने जान-बूझकर ऐसा नहीं किया.
पिछले कुछ वर्षों में मोहम्मद आसिफ़ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उभरते हुए तेज़ गेंदबाज़ के रूप में सामने आए थे. अगले विश्व कप में पाकिस्तान की संभावनाएँ इन दो गेंदबाज़ों से भी जुड़ी हुई थी.
'कल्पना नहीं'
आसिफ़ ने कहा, "मैंने कभी ये कल्पना भी नहीं की थी कि मैं विश्व कप में नहीं खेल पाऊँगा. मैं खेलना चाहता हूँ और अपने देश को जितवाना भी चाहता हूँ."
उन्होंने माना कि क्रिकेट करियर में संकट का दौर आता है जब आपको विकेट नहीं मिलते हैं या फिर आप चयनकर्ताओं की सोच पर खरे नहीं उतरते लेकिन आज की स्थिति बिल्कुल अलग है.
चैम्पियंस ट्रॉफ़ी से पहले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने खिलाड़ियों को डोप टेस्ट कराया था. जिसके परिणाम चैम्पियंस ट्रॉफ़ी के दौरान आए.
डोप टेस्ट में मोहम्मद आसिफ़ और शोएब अख़्तर को नैन्ड्रोलोन लेने का दोषी पाया गया था. जिसके बाद इन्हें चैम्पियंस ट्रॉफ़ी के बीच में से ही वापस भेज दिया गया.
पीसीबी ने इस मामले की सुनवाई के लिए एक ड्रग ट्राइब्यूनल का गठन किया था. जिसने कई दौर की सुनवाई के बाद बुधवार को इन दोनों खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगाने का फ़ैसला किया.