मंगलवार, 24 अक्तूबर, 2006 को 13:27 GMT तक के समाचार
अब्दुल रशीद शकूर
बीबीसी संवाददाता, कराची
पाकिस्तान के लेग स्पिनर दानिश कनेरिया ने दो साल बाद घरवालों के साथ दीवाली मनाई, पर अफ़सोस साथी खिलाड़ियों ने उन्हें मुबारकबाद तक नहीं दी.
कनेरिया ने दीवाली कराची में मनाई और उनका कहना था कि दो साल बाद उन्हें दीवाली अपने परिवार के साथ मनाने का मौका मिला और वह बहुत खुश हैं.
लेकिन कनेरिया को इस बात का अफ़सोस है कि उनके पाकिस्तानी टीम के उनके किसी भी साथी खिलाड़ी ने उन्हें दीवाली की मुबारकबाद नहीं दी.
कनेरिया ने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के पूर्व चेयरमैन शहरयार खान दीवाली पर हमेशा उन्हें याद करते थे और उनके लिए मिठाइयाँ और फूल भिजवाते थे.
दीवाली की पूजा कनेरिया ने अपने घर में ही स्थापित मंदिर में की और पाकिस्तान और अपनी टीम की सफ़लता की कामना की.
इसके बाद उन्होंने हिन्दू बिरादरी के एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया और दोस्तों तथा रिश्तेदारों से मुलाकात की.
दानिश कहते हैं कि दीवाली पर मिठाइयाँ बँटती हैं और बच्चों को पैसे दिए जाते हैं, जिसका उन्हें इंतज़ार रहता है.
जोश है बरकरार
दानिश की बेटी परीसा डेढ़ साल की है. उन्होंने बताया कि परीसा को घरवालों से सबसे ज्यादा पैसे मिले.
हिंदुओं के नए साल की शुरुआत पर दानिश अपनी सफलताओं को लेकर काफी जोश में हैं.
उनका कहना है कि वेस्टइंडीज के ख़िलाफ़ घरेलू सीरीज़ और उसके बाद की क्रिकेट के लिए वह तैयार हैं.
दानिश ने कहा कि उनकी कोशिश है कि टीम की सफलता में वह अपनी भूमिका उसी तरह निभाते रहें, जिस तरह अब तक निभाते आएँ हैं.