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गुरुवार, 19 अक्तूबर, 2006 को 14:53 GMT तक के समाचार

अज़हरुद्दीन पर नरम भारतीय क्रिकेट बोर्ड

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि पूर्व कप्तान मोहम्मद अज़हरुद्दीन पर लगी आजीवन पाबंदी हटाई जा सकती है.

क्रिकेट बोर्ड नवंबर में होने वाले एक विशेष समारोह में कई पूर्व कप्तानों को सम्मानित करने जा रहा है, जिनमें मोहम्मद अज़हरुद्दीन भी शामिल हैं.

वर्ष 2000 में मैच फ़िक्सिंग के आरोपों की जाँच के बाद मोहम्मद अज़हरुद्दीन पर पाबंदी लगाई गई थी.

बीसीसीआई के प्रवक्ता रत्नाकर शेट्टी ने कहा कि मौजूदा बोर्ड प्रबंधन ये मानता है कि मोहम्मद अज़हरुद्दीन के मामले में पूर्व बोर्ड सदस्य कुछ ज़्यादा ही कठोर थे.

उन्होंने कहा, "आम धारणा ये है कि अज़हर कुछ ज़्यादा ही सज़ा काट चुके हैं." मैच फ़िक्सिंग के मामले में जिन खिलाड़ियों पर आजीवन पाबंदी लगी. वे हैं- मोहम्मद अज़हरुद्दीन (भारत), अजय शर्मा (भारत), सलीम मलिक (पाकिस्तान), अताउर्रहमान (पाकिस्तान) और हैंसी क्रोनिए (दक्षिण अफ़्रीका)

दक्षिण अफ़्रीका के पूर्व कप्तान हैंसी क्रोनिए का तो एक विमान दुर्घटना में निधन भी हो गया है.

भारत के अजय जडेजा पर पाँच साल के लिए पाबंदी लगी थी और दक्षिण अफ़्रीका के एक अन्य खिलाड़ी हर्शेल गिब्स को छह महीने के लिए निलंबित किया गया था.

जुर्माना

वर्ष 2000 में गिब्स ने दक्षिण अफ़्रीकी बोर्ड के सामने ये स्वीकार किया था कि उन्होंने पैसे के बदले ख़राब खेलने पर सहमति जताई थी.

ऑस्ट्रेलिया के दो खिलाड़ी शेन वॉर्न और मार्क वॉ पर ऑस्ट्रेलियाई बोर्ड ने जुर्माना लगाया क्योंकि वर्ष 1994 में दोनों खिलाड़ियों ने श्रीलंका दौरे के क्रम में पैसे लेकर पिच की सूचना दी थी.

इस मामले में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मैल्कम स्पीड का कहना है कि सभी मामलों की तुलना करने में सावधानी बरतने की आवश्यकता है.

उन्होंने कहा, "जहाँ तक मैं समझता हूँ अज़हर पर ये आरोप था जो बाद में साबित भी हुआ कि वे मैच फ़िक्सिंग में सक्रिय थे."

लेकिन आजीवन पाबंदी के बावजूद मोहम्मद अज़हरुद्दीन ने कभी भी अपनी ग़लती स्वीकार नहीं की. उन्होंने हमेशा यही कहा कि वे इस मामले में निर्दोष हैं. भारत के कप्तान रह चुके मोहम्मद अज़हरुद्दीन ने 99 टेस्ट खेले हैं.