सोमवार, 16 अक्तूबर, 2006 को 16:54 GMT तक के समाचार
चैम्पियंस ट्रॉफ़ी के दूसरे मुकाबले में मुंबई की असमान उछाल वाली पिच पर न्यूज़ीलैंड ने दक्षिण अफ़्रीका को 87 रनों से हरा दिया है.
जीत के लिए 195 रनों का पीछा कर रही दक्षिण अफ़्रीका की टीम सिर्फ़ 34 ओवर और एक गेंद में 108 रन बना कर आउट हो गई.
दक्षिण अफ़्रीका की ओर से कप्तान ग्रैम स्मिथ ने सर्वाधिक 42 रन बनाए. उनके अलावा जस्टिन केंप ने 26 और एंड्रयू हॉल ने 13 रनों का योगदान दिया. इसके अलावा किसी भी खिलाड़ी का स्कोर दो अंकों में नहीं गया.
दक्षिण अफ्रीका के कप्तान ग्रैम स्मिथ ने पहले फ़ील्डिंग करने का फ़ैसला किया.
जब सातवें ओवर में ही न्यूज़ीलैंड के सलामी बल्लेबाज लू विंसेंट शॉन पोलक के शिकार बने तो एकबारगी लगा फ़ील्डिंग का फ़ैसला सही था.
अच्छी पारी
लेकिन कप्तान स्टीफ़न फ़्लेमिंग ने ज़िम्मेदारी निभाते हुए नाथन एस्टल के साथ पारी आगे बढ़ाई. दोनों के बीच 47 रनों की साझीदारी एंड्रयू हॉल के हाथों एस्टल के आउट होते ही ख़त्म हो गई.
इसके बाद तो एक ओर से विकेट ताश के पत्तों की तरह गिरते रहे लेकिन फ़्लेमिंग चट्टान की तरह दूसरे छोर ओर से डटे रहे.
कैलिस की गेंद पर पोलक के हाथों लपके जाने से पहले उन्होंने 112 गेंदों पर शानदार 89 रनों की पारी खेली.
न्यूज़ीलैंड की पूरी टीम 45 ओवर चार गेंदों में 195 रन बना कर पैवेलियन लौट गई.
दक्षिण अफ्रीका की ओर से कैलिस ने सर्वाधिक तीन विकेट चटकाए. रॉबिन पीटरसन को दो विकेट मिले.
ख़राब शुरुआत
लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम को पहले ही ओवर में झटका लगा जब ओपनर बोएटा डिपेनार मिल्स की सीधी पड़ती गेंद पर पगबाधा आउट करार दिए गए.
उनके बाद हर्शेल गिब्स का नंबर था. वो बिना कोई ख़ाता खोले मिल्स की गेंद पर बोल्ड हो गए.
भरोसेमंद कैलिस भी कुछ नहीं कर सके और उन्हें भी मिल्स ने आठ रनों के स्कोर पर पैवेलियन भेज दिया.
एक समय 15 वें ओवर में 50 रन तक पहुँचते पहुँचते दक्षिण अफ्रीकी टीम ने अपने चार विकेट गँवा दिए.
मिल्स का साथ देते हुए जैकब ओरम ने भी धारदार गेंदबाज़ी की और मध्यक्रम के तीन विकेट चटका कर टीम की जीत का रास्ता साफ़ कर दिया.