रविवार, 08 अक्तूबर, 2006 को 23:21 GMT तक के समाचार
मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने रणनीति और खिलाड़ियों के चयन में प्रयोग करने की कोच ग्रेग चैपल की नीति को सही ठहराया है.
ग़ौरतलब है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया को हाल के दिनों में टीम के साथ प्रयोग करने की नीति के लिए आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा है.
इसके बावजूद सचिन ने कहा, "एक हद तक प्रयोग जारी रहना चाहिए. मुझे पता है कि हर खिलाड़ी की भूमिका तय होनी चाहिए लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि हमें प्रयोग करना बिल्कुल बंद कर देना चाहिए."
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कोय अंशुमन गायकवाड ने वेस्टइंडीज़ के हाथों 4-1 से मिली पराजय और मलेशिया में मिली हार के बाद रविवार को कहा था, "ज़रूरत से अधिक प्रयोग करने का खामियाजा टीम को भुगतना पड़ रहा है."
उन्होंने कहा, "मैं समझता हूँ कि एक विदेशी कोच के लिए ऐसा करना ज़रुरी होता है क्योंकि वो अपने खिलाड़ियों के बारे में स्पष्ट धारणा बनाते हैं पर मेरे हिसाब से यह थोड़ा ज़्यादा ही हो गया."
कप्तान
उधर कप्तान राहुल द्रविड़ भी मानते हैं कि खिलाड़ियों को अलग अलग भूमिकाओं में आजमाने से टीम की ताकत में इजाफ़ा होता है.
द्रविड़ ने कहा, "जीत ज़रूरी है. परिणाम महत्वपूर्ण है. लेकिन आपको अपनी टीम का विकास भी करना होता है. अभी विश्व कप दूर है . इसलिए प्रयोग जारी रहेंगे."
कोच चैपल ने चेतावनी दी कि टीम के स्वरुप में अभी और बदलाव हो सकता है.
इससे पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के मुख्य चयनकर्ता दिलीप वेंगसरकर ने कहा कि भारतीय क्रिकेट टीम में एक सीमा से ज़्यादा बदलाव नहीं होने चाहिए.
बीबीसी के साथ एक विशेष बातचीत में वेंगसरकर ने कहा कि एक सीमा तक प्रयोग ठीक हैं लेकिन ये हमेशा नहीं होने चाहिए क्योंकि टीम के साथ स्थिरता ज़रूरी है.