अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी ने पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के कप्तान इंज़माम उल हक़ को क्रिकेट की साख गिराने का दोषी पाया है लेकिन उन्हें गेंद से छेड़छाड़ करने के आरोप से बरी कर दिया गया है.
मामले की सुनवाई कर रहे आईसीसी के प्रमुख रेफ़री रंजन मदुगाले ने उन्हें चार अंतरराष्ट्रीय वनडे मैचों से अलग रहने की सज़ा दी है.
अगर सज़ा बरक़रार रहती है तो इंज़माम भारत में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी के मैच नहीं खेल पाएँगे.
पाकिस्तान की टीम की ओर से कोच बॉब वूल्मर और क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष शहरयार ख़ान भी अपना पक्ष रखा.
इंज़माम 24 घंटे के भीतर इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील कर सकते हैं लेकिन उन्हें जो सज़ा दी गई है वह न्यूनतम है.
रंजन मुदगाले ने कहा कि उन्हें गेंद से छेड़छाड़ का कोई सबूत नहीं मिला, उन्होंने कहा, "56 ओवर के खेल के बाद गेंद जिस हालत में हो सकती थी उसी हालत में थी, ऐसा कह पाना मुश्किल है कि गेंद से छेड़छाड़ की गई थी."
उन्होंने कहा, "मैंने इस बात का ख़याल रखा है कि उन्होंने अफ़सोस प्रकट किया था और माफ़ी माँगी थी."
विवाद
इंज़माम पर क्रिकेट को बदनाम करने का आरोप पिछले महीने लगा था जब ओवल में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ खेला गया मैच अधूरा रह गया था क्योंकि पाकिस्तान की टीम ने मैच पूरा खेलने से इनकार कर दिया था.
यह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में पहला मौक़ा था जबकि इस तरह एक मैच को अधूरा छोड़ दिया गया था, मैच के रेफ़रियों ने इंग्लैंड को इस मैच में विजयी घोषित कर दिया था.
विवाद की शुरूआत तब हुई थी जब मैच के अंपायर डेरेल हेयर और बिली डॉक्ट्रोव ने पाकिस्तानी टीम पर गेंद से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए इंग्लैंड के खाते में पाँच रन जोड़ दिए थे.
इस मामले में 11 गवाहों की पेशी हुई, बंद कमरे में रंजन मुदगाले ने दो दिन तक गवाहों के बयान सुने.