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सोमवार, 04 सितंबर, 2006 को 18:51 GMT तक के समाचार

आईसीसी ने पाकिस्तान को चेतावनी दी

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी ने ओवल टेस्ट के दौरान गेंद के साथ छेड़छाड़ के मामले में पाकिस्तानी अधिकारियों और कप्तान इंज़माम को कोई टिप्पणी न करने की चेतावनी दी है.

आईसीसी ने साफ़ शब्दों में चेतावनी दी है कि पाकिस्तानी अधिकारी और कप्तान इंज़माम-उल-हक़ को इस मामले में सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी करने से बाज आना चाहिए.

इस बारे में आईसीसी के मुख्य कार्यकारी मेल्कम स्पीड ने कहा है कि वो पाकिस्तानी अधिकारियों और पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान की ओर से इस मामले में की गई टिप्पणियों से काफ़ी क्षुब्ध हैं.

उन्होंने कहा, "पाकिस्तान को एक निष्पक्ष माहौल में अपना पक्ष रखने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा पर इस मामले में पिछले दो सप्ताहों में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की ओर से सार्वजनिक तौर पर अनावश्यक और अनुचित टिप्पणी की जाती रही है."

स्पीड ने पिछले 10 दिनों में दो बार ऐसा महसूस किया कि इस बारे में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष शहरयार ख़ान से बातचीत की जाए.

सुनवाई

आईसीसी की ओर से इस मामले में पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही वन-डे श्रृंखला के बाद की किसी तारीख़ को सुनवाई होनी है.

हालांकि आईसीसी की ओर से किसी तारीख की आधिकारिक घोषणा अभी तक नहीं की गई है पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख शहरयार ख़ान ने बीबीसी को बताया कि इस मामले में सुनवाई के लिए आईसीसी की ओर से पाकिस्तान को 27 सिंतंबर को सुनवाई में अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है.

ग़ौरतलब है कि 20 अगस्त को ओवल टेस्ट के दौरान गेंद से छेड़छाड़ के मामले पर शुरू हुए विवाद के बाद आईसीसी ने पाकिस्तान के कप्तान इंज़माम-उल-हक़ पर गेंद से छेड़छाड़ और क्रिकेट का नाम बदनाम करने के आरोप लगाए.

इसके बाद मामले ने तूल पकड़ा और अंपायर हेयर ने आईसीसी से एक तय रक़म के बदले उनका इस्तीफ़ा स्वीकार करने की बात तक कह डाली थी.

हेयर के इस क़दम को पाकिस्तान ने अपनी नैतिक जीत करार दिया था.

तैयार हैं हम

शहरयार ख़ान ने बीबीसी को बताया, "हम इस मामले में 19 गवाह पेश कर रहे हैं. गवाह इतने ज़्यादा है इसलिए संभव है कि सुनवाई की प्रक्रिया दो-तीन दिन तक चले."

उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान की ओर से गवाहों की इस सूची में 20 अगस्त के ओवल टेस्ट मैच के रेफ़री माइक प्रोक्टर को भी शामिल किया गया है.

शहरयार ने बताया, "हम चाहते हैं कि न्याय हो और सच्चाई सामने आए इसीलिए हमने माइक को गवाह बनाया है ताकि यह बात साफ़ तोर पर सामने आ सके कि हमने उस दिन क्या-क्या क़दम उठाए थे. वो अब गवाह के रूप में पेश होंगे और इसीलिए आईसीसी ने उन्हें सुनवाई कर रहे दल में शामिल नहीं किया है."

आईसीसी की ओर से इस तरह की चेतावनी दिए जाने के बाद शहरयार ख़ान ने इस बात पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि इस सुनवाई के बाद की तस्वीर कैसी होगी.

उन्होंने कहा कि इस बारे में अभी सुनवाई होनी है इसलिए कोई भी टिप्पणी करना मुनासिब नहीं होगा.