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शनिवार, 26 अगस्त, 2006 को 16:36 GMT तक के समाचार

'डेरेल चाहते तो मामला वहीं सुलझ जाता'

पाकिस्तानी टीम के मैनेजर और पूर्व क्रिकेटर ज़हीर अब्बास ने ऑस्ट्रेलियाई अंपायर डेरेल हेयर की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा हैं कि अपने इस्तीफ़े को लेकर कभी हाँ और कभी ना करने के बजाय वो अगर मैदान पर नरमी दिखाते तो क्रिकेट का इतना नुक़सान नहीं होता.

ज़हीर अब्बास ने बीबीसी हिंदी के साथ ख़ास बातचीत में कहा, "एक तरफ तो अंपायर डेरेल हेयर इस्तीफ़े की पेशकश करते हैं और दूसरी तरफ पैसा माँगते हैं. फिर थोड़ी देर बाद ही कहते हैं कि मैंने जो ई-मेल भेजा है उसको वापस कर लिया जाए."

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अब्बास कहते हैं कि इससे कई तरह की शंका होती है कि कहीं से कोई संदेश तो नहीं मिलता रहा कि गेंद को देखें और जाँच करें.

'हेयर ने इस्तीफ़े की पेशकश की थी'

ज़हीर कहते हैं, "इसके बावजूद हमने अपने सभी खिलाड़ियों से पूछा कि किसी ने गेंद से छेड़छाड़ तो नहीं की पर सभी ने एक सुर में आश्वस्त किया कि उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं किया."

'डेरेल ज़िम्मेदार'

ज़हीर अब्बास ने वर्तमान संकट के लिए डेरेल हेयर को ज़िम्मेदार ठहराते हुए कहा कि अगर वह मैदान पर हठधर्मिता नहीं दिखाते तो क्रिकेट और क्रिकेट प्रेमियों का इतना नुक़सान नहीं होता और सारा मसला आसानी से सुलझ जाता.

अब्बास ने बताया, "पूरे मामले में इंसाफ़ होना चाहिए और क्या सही है, क्या ग़लत है यह सबके सामने आना चाहिए."

डेरेल हेयर की ओर से अपने इस्तीफ़े के बदले पाँच लाख अमरीकी डॉलर माँगे जाने के सवाल पर ज़हीर अब्बास कहते हैं यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी और उनके बीच का मसला है.

ज़हीर पूरे विवाद को क्रिकेट के लिए दुर्भाग्यपूर्ण क़रार देते हुए कहते हैं कि अब एशियाई देशों में अंपायरिंग करना डेरेल हेयर के लिए आसान नहीं होगा इसलिए आईसीसी को सोच-समझकर इस मामले में फ़ैसला लेना चाहिए.