http://www.bbcchindi.com

शनिवार, 22 जुलाई, 2006 को 12:04 GMT तक के समाचार

ई-मेल लीक मामले पर गांगुली की मांग

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली ने उनका ई-मेल लीक होने के मामले की जाँच की मांग की है और कहा है कि जिसने भी यह ई-मेल लीक किया है, उसे कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए.

सौरभ गांगुली ने अपने भाई स्नेहाशीष गांगुली को इस बारे में ई-मेल किया है. जिसे स्नेहाशीष ने मीडिया के लिए जारी किया.

बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव से पहले सौरभ गांगुली के इस ई-मेल को काफ़ी महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसे मौजूदा अध्यक्ष जगमोहन डालमिया के ख़िलाफ़ माना जा रहा है.

पिछले साल सितंबर में कोच ग्रेग चैपल का वह ई-मेल लीक हो गया था, जिसमें उन्होंने सौरभ गांगुली के कप्तान बने रहने पर अपनी आपत्ति जताई थी.

इस ई-मेल लीक होने के बाद के घटनाक्रमों के बाद पहले तो सौरभ गांगुली को अपनी कप्तानी गँवानी पड़ी और फिर उन्हें टीम से भी बाहर होना पड़ा.

सलाह

बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव में कोलकाता के पुलिस कमिश्नर प्रसून मुखर्जी भी मैदान में हैं. पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने भी सार्वजनिक रूप से डालमिया को चुनाव न लड़ने की सलाह दी थी.

स्नेहाशीष गांगुली ने जब सौरभ गांगुली का ई-मेल सार्वजनिक किया तो उनके साथ बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार कोलकाता पुलिस कमिश्नर प्रसून मुखर्जी भी मौजूद थे.

बीबीसी के साथ विशेष बातचीत में मुखर्जी ने कहा कि गांगुली ने ई-मेल में कहा है, "जो लोग ई-मेल लीक करते हैं और खिलाड़ी का करियर तबाह करते हैं, उन्हें सज़ा मिलनी चाहिए. सीएबी में ऐसे लोग काफ़ी मौजूद हैं. जो अपनी सुविधा के लिए खिलाड़ियों के करियर का इस्तेमाल करते हैं."

प्रसून मुखर्जी ने बताया कि सौरभ गांगुली ने अपने ई-मेल में कहा है कि वे मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य की बात से सहमत हैं.

मीडिया में पहले से ही इस तरह की ख़बरें आ रही थी कि सौरभ गांगुली और जगमोहन डालमिया के संबंध अब पहले की तरह नहीं. माना जा रहा है कि यह ई-मेल इसी की कड़ी है.