भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान वीपी सत्यन ने चेन्नई में आत्महत्या कर ली है. उन्होंने 80 मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया.
तमिलनाडु के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सत्यन ने तेज रफ़्तार रेलगाड़ी के सामने कूद कर अपनी जान दे दी.
उनके पास से अँग्रेजी में लिखी एक चिठ्ठी मिली है. इसमें सत्यन ने लिखा है कि अधिक शराब पीने और जुएबाज़ी के चक्कर में पैसा, इज़्ज़त और आत्मसम्मान गँवाने के कारण वो आत्महत्या कर रहे हैं.
सत्यन एक स्थानीय बैंक में बतौर सहायक प्रबंधक काम कर रहे थे.
उन्होंने वर्ष 1980 में पहली बार राष्ट्रीय टीम की ओर से खेलना शुरु किया और अपने करियर में 80 मैचों में देश का प्रतिनिधित्व किया. वो मैदान पर टीम की रक्षापंक्ति के सशक्त खिलाड़ी माने जाते थे.
सत्यन खेल को अलविदा कहने के बाद अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ की ओर से राष्ट्रीय टीम के चयनकर्ता बने.
उन्होंने एक दशक पूर्व भारतीय टीम के कोच स्टीफन कॉंस्टेंटाईन के सहायक के रुप में भी काम किया.
वर्ष 1993 में उन्हें भारत के सर्वश्रेष्ठ फ़ुटबॉल खिलाड़ी का पुरस्कार दिया गया था.