रविवार, 16 जुलाई, 2006 को 14:27 GMT तक के समाचार
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई देश में स्तरीय अंपायर तैयार करने के लिए हाईटेक योजना बना रहा है.
बोर्ड इसके लिए माइक्रोसॉफ़्ट की मदद लेने की योजना पर काम कर रहा है.
बोर्ड चाहता है कि दुनिया की अग्रणी कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट एक ऐसा सॉफ्टवेयर प्रोग्राम तैयार करे जिसकी मदद से अंपायरों के निर्णय लेने की क्षमता को दुरूस्त किया जा सके.
इसकी मदद से मैदान पर अंपायरों को प्रदर्शन में सुधार आएगा और उनसे ग़लतियाँ कम होंगी.
बीसीसीआई के उपाध्यक्ष ललित मोदी ने कहा, "हमने कई कंपनियों के सॉफ़्टवेयर सोल्यूशंस देखने के बाद माइक्रोसॉफ़्ट को साझीदार बनाने का मन बनाया है."
उन्होंने बताया कि कंपनी के साथ इस सिलसिले में चल रही बातचीत अंतिम चरण में पहुँच चुकी है.
प्रतिनिधि
तीन वर्ष पहले श्रीनिवास वेंकटराघवन के रिटायर होने के बाद से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी के शीर्ष अंपायरों की सूची में भारत का कोई प्रतिनिधि नहीं है.
आईसीसी के महाप्रबंधक डेव रिचर्डसन ने दो महीने पहले भारत में अंपायरिंग के गिरते स्तर पर चिंता व्यक्त की थी.
उन्होंने कहा था, "अगर आपका स्तर ठीक नहीं है तो दुनिया में कई और बेहतर अंपायर आपकी जगह लेने के लिए तैयार बैठे हैं."
रिचर्डसन ने कहा था कि किसी भारतीय अंपायर को आईसीसी के शीर्ष पैनल में शामिल करवाना बीसीसीआई के लिए एक बड़ी चुनौती है.
नई योजना के तहत सभी घरेलू मैचों की रिकॉर्डिंग मैदान को चारों ओर लगे कैमरों के ज़रिए होगी. इससे मिले फुटेज को माइक्रोसॉफ्ट निर्मित सॉफ़्टवेयर पर परखा जाएगा.