रविवार, 09 जुलाई, 2006 को 22:35 GMT तक के समाचार
फ़्रांस के राष्ट्रपति ज़्याक शिराक ने फ़्रांसीसी फ़ुटबॉल में ज़िनेदिन ज़िदान के योगदान की सराहना की है. रविवार को विश्व कप के फ़ाइनल में फ़्रांस की टीम हार गई.
मैच के दौरान ही ग़लत व्यवहार के कारण ज़िनेदिन ज़िदान को रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर कर दिया गया. विश्व कप का फ़ाइनल ज़िदान का आख़िरी अंतरराष्ट्रीय मैच था.
लेकिन राष्ट्रपति शिराक ने ज़िदान की जम कर प्रशंसा की और कहा कि ज़िदान के लिए उनके दिल में ख़ास जगह है.
बर्लिन में फ़ाइनल मैच देखने के बाद राष्ट्रीय टेलीविज़न पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति शिराक ने कहा, "मैं नहीं जानता कि क्या हुआ. लेकिन मेरे मन में उनके प्रति काफ़ी सम्मान है. उन्होंने न सिर्फ़ फ़्रांस का प्रतिनिधित्व किया है बल्कि खेल भावनाओं का भी सम्मान किया है."
बचाव
दूसरी ओर फ़्रांस के कोच रेमंड डोमेनेच ने कहा है कि वे समझ सकते हैं कि ज़िदान अपना आपा क्यों खो बैठे. उन्होंने कहा कि वे ज़िदान का बचाव नहीं कर रहे लेकिन वे ज़िदान की हालत समझ सकते हैं.
मैच के अतिरिक्त समय में किसी बात को लेकर मैतरात्सी और ज़िदान में पहले तो कहा-सुनी हुई और फिर ज़िदान ने अपने सिर के प्रहार से मैतरात्सी को गिरा दिया.
बाद में उन्हें रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर कर दिया गया. बाद में पेनल्टी शूट आउट में फ़्रांस की टीम 3-5 से हार गई और दूसरी बार ख़िताब जीतने का उनका सपना टूट गया.
फ़्रांसीसी कोच ने भी माना कि ज़िदान का मैदान से बाहर जाना टीम के लिए बहुत बड़ा झटका था और पेनल्टी शूट आउट के समय टीम दबाव में थी.