रविवार, 09 जुलाई, 2006 को 20:59 GMT तक के समाचार
फ़ुटबॉल विश्व कप जीतने के बाद इटली में जश्न का माहौल है.
इटली ने फ़्रांस को पेनल्टी शूटआउट में 5-3 से हराकर चौथी बार विश्व कप जीत लिया है. अतिरिक्त समय के बाद भी दोनों टीमें 1-1 से बराबर थीं.
बर्लिन में हुआ फ़ाइनल मैच काफ़ी रोमांचक रहा और कई नाटकीय घटनाएँ भी हुईं. लेकिन इस फ़ाइनल की सबसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना रही फ़्रांस के स्टार खिलाड़ी ज़िनेदिन ज़िदान को रेड कार्ड दिखाकर बाहर भेजा जाना.
ज़िदान और इटली की ओर से गोल मारने वाले मैतरात्सी के बीच किसी बात को लेकर झड़प हुई और ज़िदान ने अपने सिर से मैतरात्सी के सीने पर प्रहार किया और मैतरात्सी मैदान में गिर गए.
सहायक रेफ़री से सलाह मशविरा करने के बाद अर्जेंटीना के रेफ़री ने ज़िदान को मैदान से बाहर भेजने का फ़ैसला किया. इससे पहले थियरी ऑनरी और पैट्रिक विएरा को भी टीम प्रबंधन ने बाहर बुला लिया.
इस कारण पेनल्टी शूट आउट में फ़्रांस पर दबाव देखा जा सकता था. ट्रैज़ेगेट के पेनल्टी शॉट गोलपोस्ट से टकरा कर बाहर चला गया और इटली की जीत का रास्ता साफ़ हो गया.
इटली ने चौथी बार विश्व कप का ख़िताब जीता है. जबकि फ़्रांस के ख़ाते में एक ही ख़िताब है. इटली ने 1934, 1938 और 1982 में ख़िताब जीता है जबकि फ़्रांस ने 1998 में विश्व विजेता बनने का गौरव हासिल किया था.
जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोज़े को गोल्डन बूट मिला है. क्लोज़े ने इस विश्व कप में सर्वाधिक पाँच गोल मारे थे.
शानदार मैच
बर्लिन में हुए फ़ाइनल मैच की शुरुआत शानदार रही. इटली की टीम शुरू से ही आक्रमक नज़र आ रही थी. लेकिन पहली सफलता फ़्रांस को मिली.
फ़्रांस के मलूदा को गोलक्षेत्र में गिराने के कारण फ़्रांस को पेनल्टी मिला और ज़िनेदिन ज़िदान ने संयम से शॉट लगाया और गोल करके अपनी टीम को 1-0 से बढ़त दिला दी.
लेकिन फ़्रांस की बढ़त ज़्यादा समय नहीं रह सकी. जल्द ही इटली ने आक्रमण करते हुए फ़्रांस की डिफ़ेंस लाइन को हताश-परेशान कर दिया. कॉर्नर पर अपने हेडर से गोल करके मैतरात्सी ने स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया.
इसके बाद दर्शकों को शानदार फ़ुटबॉल देखने को मिला. जहाँ दोनों टीमें एक-दूसरे से बेहतर साबित करने की कोशिश में जानदार खेल दिखा रही थी.
पहले हाफ़ में शानदार प्रदर्शन इटली ने किया तो दूसरा हाफ़ फ़्रांस का रहा. मैच अतिरिक्त समय में गया. लेकिन अतिरिक्त समय में भी कोई भी टीम गोल नहीं कर पाई.
हालाँकि ज़िदान प्रकरण से माहौल ज़रूर थोड़ा अजीब हो गया. मैच पेनल्टी शूट आउट में गया और इटली ने 5-3 से जीत हासिल कर चौथी बार विश्व विजेता बनने का गौरव हासिल किया.