रविवार, 09 जुलाई, 2006 को 16:58 GMT तक के समाचार
नागेंद्र शर्मा
बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
भारत के पूर्व टेस्ट क्रिकेटर मनिंदर सिंह का मानना है कि वेस्टइंडीज में अगले वर्ष होने वाले विश्व कप के लिए टीम की तैयारी संतोषजनक नहीं है.
लगभग एक दशक तक भारतीय टीम में खेलने वाले ऑफ़ स्पिनर मनिंदर सिंह ने 'आपकी बात बीबीसी के साथ' कार्यक्रम में श्रोताओं के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि विश्व कप जीतने लायक टीम बनाने के लिए चयनकर्ताओं और कोच की सोच में बदलाव लाने की जरूरत है.
उन्होंने विश्व कप की तैयारी के लिहाज से वेस्टइंडीज दौरे पर टीम के प्रदर्शन से नाखुशी जताई.
मनिंदर सिंह ने कहा, "वनडे सिरीज तो हार ही गए, टेस्ट सिरीज में भी बमुश्किल चौथे टेस्ट में कामयाबी मिली. पहले दो टेस्ट मैचों में टीम पूरी तरह संतुलित नहीं थी और इसीलिए जीत की दहलीज से दूर रह गई."
गेंदबाजी
उन्होंने शुरुआती मैचों में ऑफ़ स्पिनर हरभजन सिंह को नहीं खेलाने पर नाराज़गी जताई.
मनिंदर सिंह ने कहा, "हरभजन तो टीम के लिए मैच जिताऊ प्रदर्शन करते हैं फिर उन्हें नहीं खेलाने का मतलब समझ में नहीं आता. अगर विश्व कप जीतना है तो तीन तेज़ गेंदबाजों के साथ कुंबले, रोमेश पोवार और हरभजन की स्पिन तिकड़ी को रखना ही होगा."
उन्होंने कहा कि विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से टीम अभी सिर्फ़ 40 फ़ीसदी तैयार है. बाकी 60 फ़ीसदी काम किया जाना है.
मनिंदर सिंह ने मज़बूत टीम तैयार करने के लिए युवा खिलाड़ियों को तरजीह देनी होगी. इसके लिए उन्होंने गौतम गंभीर, रोहित शर्मा और मिथुन मिन्हास जैसै युवाओं को प्रोत्साहन देने की वकालत की.
उन्होंने मोहम्मद कैफ़ की तकनीक पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्तरीय टीमों के खिलाफ़ अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम साबित हुए हैं.
कोच पर सवाल
मनिंदर सिंह ने मौजूदा कोच ग्रेग चैपल की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा, "उनमें हमेशा एक तरह की चुलबुलाहट दिखाई देती है जिसके कारण वो नियमित तौर पर कोई रणनीति बनाने में नाकाम रहते हैं."
उन्होंने कहा कि मैदान पर संतुलित टीम उतारने में चैपल असफल रहे हैं और उनकी मनोदशा हमेशा बदलती रहती है.
हालाँकि विदेशी कोच रखे जाने का उन्होंने यह कहते हुए समर्थन किया कि इससे कोच के कामकाज में दखलंदाजी नहीं होती है.