शनिवार, 08 जुलाई, 2006 को 15:01 GMT तक के समाचार
विश्व कप के क्वार्टर फ़ाइनल में ग़लत व्यवहार के कारण इंग्लैंड के वेन रूनी को रेड कार्ड तो दिखाया ही गया अब फ़ीफ़ा ने उन्हें दो मैचों के लिए निलंबित कर दिया है.
साथ ही उन पर क़रीब दो लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है. पुर्तगाल के ख़िलाफ़ विश्व कप के क्वार्टर फ़ाइनल मैच में वेन रूनी को रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर कर दिया गया था.
इस मामले की जाँच के बाद फ़ीफ़ा ने रूनी को ग़लत व्यवहार का दोषी पाया.
पुर्तगाल के ख़िलाफ़ मैच में रूनी ने रिकॉर्डो कैवेलियो के ख़िलाफ़ फ़ाउल किया था. रूनी की रेफ़री से शिकायत करने वालों में पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो भी थे.
आलोचना
लेकिन बाद में अर्जेंटीना के रेफ़री ने स्पष्ट कर दिया था कि जिस तरह रूनी ने फ़ाउल किया था, उन्हें रेड कार्ड तो मिलना ही था.
हालाँकि रूनी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि उन्होंने जान-बूझकर फ़ाउल नहीं किया था और उन्होंने जो कुछ किया वह गेंद छीनने के लिए किया था. जो अक़्सर अन्य खिलाड़ी भी करते हैं.
रूनी को रेड कार्ड दिखाने को लेकर रोनाल्डो की भी मीडिया में आलोचना हुई थी. रोनाल्डो इंग्लैंड के प्रतिष्ठित क्लब मैनचेस्टर यूनाइटेड के साथ खेलते हैं और इसी क्लब से खेलते हैं वेन रूनी भी.
फ़ीफ़ा के फ़ैसले के कारण अब वेन रूनी अंडोरा और मेसिडोनिया के ख़िलाफ़ यूरो 2008 के लिए क्वालीफ़ाइंग मैच नहीं खेल पाएँगे.
लेकिन सात अक्तूबर को वे मेसिडोनिया के ख़िलाफ़ यूरो 2008 का एक अन्य क्वालीफ़ाइंग मैच खेल पाएँगे.