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गुरुवार, 06 जुलाई, 2006 को 21:14 GMT तक के समाचार

शरापोवा को हराकर मोरेज़्मो फ़ाइनल में

विश्व की पहली वरीयता प्राप्त एमिली मोरेज़्मो ने 2004 की विंबलडन चैंपियन मारिया शरापोवा को हराकर फ़ाइनल में प्रवेश कर लिया है.

6-3, 3-6 और 6-2 से सेमीफ़ाइनल जीतने के बाद एमिली मोरेज़्मो पहली बार विंबलडन के फ़ाइनल में पहुँची हैं.

एक बार तो ऐसा लग रहा था कि वर्ष 2004 और 2005 के सेमीफ़ाइनल की तरह ही इतिहास अपने को दोहराने जा रहा है.

लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ और मारिया शरापोवा की जीतोड़ कोशिशों के बावजूद एमिली मोरेज़्मो ने मैच जीत लिया.

इससे पहले मोरेज़्मो विंबलडन में तीन बार सेमीफ़ाइनल मैच हार चुकी हैं.

इस जीत के बाद उन्होंने कहा, "मुझे ख़ुशी है कि मुझे इस बार ट्रॉफ़ी के लिए खेलने का मौक़ा मिला है."

एमिली मोरेज़्मो का मुक़ाबला अब बेल्जियम की जस्टिन हेना हार्डिन से होगा.

दोनों का मुक़ाबला जनवरी में हुए ऑस्ट्रेलियन ओपन में भी हुआ था जिसमें प्रतिद्वंद्वी के रिटायर हो जाने के कारण एमिली मोरेज़्मो को जीत मिल गई थी.

वह एमिली मोरेज़्मो की पहली ग्रैंड स्लैम ट्रॉफ़ी थी.

मैच

27 वर्षीया फ़्रेंच एमिली मोरेज़्मो ने अपनी 19 वर्षीय प्रतिद्वंद्वी को एक तरह से पहले की सेट में मात दे दी थी.

जहाँ शरापोवा का हर शॉट एक ताक़तवर शॉट था वहीं एमिली मोरेज़्मो ने नेट के पास कई बेहतरीन से शॉट भी दिखाए.

दूसरा सेट देखकर एक बार लगता था कि शरापोवा की वापसी हो गई है लेकिन तीसरे सेट में एमिली मोरेज़्मो ने शानदार वापसी की और शरापोवा को बाहर कर दिया.

इस हार के बाद शरापोवा ने कहा, "मुझे हर हार के बाद निराशा होती है. मुझे शीर्ष खिलाड़ियों से भिड़ने के लिए अभी बहुत सी बातें सीखनी हैं."