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शनिवार, 01 जुलाई, 2006 को 23:18 GMT तक के समाचार

भारत ने ली 225 रनों की बढ़त

जमैका में चल रहे दूसरे टेस्ट मैच में भारत ने दूसरी पारी में बल्लेबाज़ी करते हुए 225 रनों की बढ़त ले ली है.

मैच के दूसरे दिन कुल 16 विकेट गिरे जिसमें से दस विकेट वेस्टइंडीज़ के और छह विकेट भारत के रहे.

चौथे टेस्ट मैच का स्कोर कार्ड

भारत की पहली पारी के 200 रनों के जवाब में वेस्टइंडीज़ का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा और हरभजन सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच विकेट लिए.

दूसरे दिन की तस्वीरें

वेस्टइंडीज़ की पूरी टीम मात्र् 103 रन बनाकर आउट हो गई और भारत को पहली पारी के आधार पर 97 रनों की बढ़त मिल गई.

हालांकि भारत ने जब दूसरी पारी शुरु की तो उसका प्रदर्शन भी कोई ख़ास अच्छा नहीं रहा.

भारत के छह विकेट मात्र 128 रनों पर ही गिर चुके हैं.

दूसरी पारी में सिर्फ कप्तान द्रविड़ ही अच्छा खेल सके हैं जिन्होंने अब तक नाबाद 62 रन बनाए हैं और दूसरे छोर पर उनका साथ दे रहे हैं अनिल कुंबले.

वेस्टइंडीज़ की ओर से भारत की दूसरी पारी में टेलर ने तीन विकेट लिए हैं जबकि कोलीमोर को दो विकेट मिला है.

भारत को फिलहाल 225 रनों की बढ़त मिली हुई है और जिस तरह से पिच गेंदबाज़ों को मदद कर रही है उससे लगता है कि यह स्कोर भी वेस्टइंडीज़ के लिए ख़तरनाक साबित हो सकता है.

पहला दिन

टेस्ट मैच के पहले दिन भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फैसला किया लेकिन पूरी टीम मात्र 200 रनों पर आउट हो गई.

200 की आंकड़ा भी कप्तान राहुल द्रविड़ के 81 और अनिल कुंबले के 45 रनों की पारी के बदौलत पूरा हो पाया.

वेस्ट इंडीज़ की ओर से जेई टेलर ने घातक गेंदबाज़ी करते हुए पाँच विकेट लिए और भारतीय बल्लेबाज़ी की कमर तोड़ दी.

शुरुआत में ही भारत को बड़ा झटका लगा जब सलामी बल्लेबाज़ वीरेंदर सहवाग बिना कोई रन बनाए कॉलिंस की गेंद पर आउट हो गए.

वसीम जाफ़र भी जल्द ही सहवाग के पीछे-पीछे पेविलियन लौट गए. वे एक रन बनाकर टेलर की गेंद का शिकार हुए.

इसके बाद तो टेलर की गेंदबाज़ी का ऐसा जादू चला कि एक-एक कर भारतीय बल्लेबाज़ उनके सामने ढेर होते गए.

वीवीएस लक्ष्मण भी मात्र 18 रन बना ब्रावो की गेंद पर आउट हो गए.

इस बीच कप्तान राहुल द्रविड़ क्रीज़ पर टिके हुए थे और वेस्ट इंडीज़ के गेंदबाज़ों का सामना कर रहे थे.

दूसरे छोर से लगातार भारतीय बल्लेबाज़ों का आना जाना लगा हुआ था.

युवाराज सिंह सिर्फ़ 19 रनों का योगदान कर पाए तो मोहम्मद कैफ़ 13 रनों का. दोनों ही टेलर की बेहतरीन गेंदों का शिकार हुए.

अब भारत की उम्मीदें धोनी पर टिकी थीं क्योंकि कप्तान द्रविड़ का साथ देने के लिए नियमित बल्लेबाजों में से सिर्फ़ धोनी ही बचे थे.

लेकिन धोनी भी तीन रन बना कॉलिमोर की गेंद पर चलते बने. वेस्टइंडीज़ के गेंदबाज़ भारतीय बल्लबाज़ों पर पूरी तरह हावी थे. ऐसे में द्रविड़ को ज़रूरत थी एक साझीदार की जो उनके साथ क्रीज़ पर टिककर रन बना सके.

और भारत के लिए ये काम किया अनिल कुंबल ने. जिस वक़्त कुंबले मैदान पर उतरे थे भारत 91 रन के स्कोर पर छह विकेट गवाँ चुका था.

लेकिन अनिल कुंबले ने कप्तान द्रविड़ के साथ मिलकर भारतीय पारी को संभाला. दोनो के बीच 93 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई.