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गुरुवार, 22 जून, 2006 को 16:34 GMT तक के समाचार

इटली दूसरे दौर में, चेक बाहर

विश्व कप फुटबाल में इटली ने अपनी साख बनाए रखते हुए चेक गणराज्य की टीम को शून्य के मुक़ाबले 2 गोल से हराकर ग्रुप ई में सर्वोच्च स्थान हासिल कर लिया.

इसके साथ ही इटली ने दूसरे दौर में प्रवेश कर लिया है और चेक टीम विश्व कप से बाहर हो गई.

स्थानापन्न खिलाड़ी मार्को मेतरैज़्ज़ी ने 26वें मिनट में कॉर्नर से हैडर के ज़रिए गोल करके इटली की टीम को बढ़त दिला दी थी.

उसके थोड़ी ही देर बाद चेक टीम में से एक खिलाड़ी जैन पोलक को बाहर भेज दिया गया और उसे अपने दस खिलाड़ियों के साथ ही खेलना पड़ा. यह ब्रेक से बस थोड़ी ही देर पहले हुआ और इसके साथ ही चेक टीम की उम्मीदें कम होने लगी थीं.

इटली के एक अन्य स्थानापन्न खिलाड़ी फिलिपो इंज़ेगी ने 87वें मिनट में चेक गोलकीपर पीटर को छकाते हुए दूसरा गोल कर दिया था.

चेक ने विश्व कप में अपनी अच्छी शुरूआत की थी जब उन्होंने इससे पहले के मैच में अमरीका को 3-0 से हराया था लेकिन उनके खिलाड़ी जैन कोलर जब चोट की वजह से बाहर हुए, बस तभी से उनका खेल कमज़ोर हो गया.

गुरूवार के मैच में इटली का खेल कोई ज़्यादा प्रभावशाली नहीं दिखा लेकिन फिर भी जीत के लिए उन्होंने पर्याप्त प्रयास कर लिए. देखा जाए तो इटली ने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की सी गर ली है.

दूसरे दौर में इटली का मुक़ाबला ऑस्ट्रेलिया से होगा और अगर वो ये मैच जीत जाएंगे तो फिर यूक्रेन और स्विटज़रलैंड के बीच होने वाले मैच की विजेता टीम से खेलेंगे.

रोमांचक खेल

गुरूवार के मैच में चेक गणराज्य ने अच्छी शुरूआत की थी और उनके कप्तान पैवल नैडवैड ने खेल पर अपनी अच्छी पकड़ बनाई.

इटली की तरफ़ से होने वाले हमलों में ज़्यादातर के आसपास फ्रांसेस्को टोट्टी ही रहे लेकिन उसकी टीम शुरू में रवानी की कुछ कमी नज़र आई.

इटली का पहला गोल मैटरेज़्ज़ी की तरफ़ से हुआ जिससे ज़्यादा उम्मीद नहीं की जा रही थी. उन्हें घायल हुए अलेसांद्रो नेस्ता के स्थान पर मैदान में उतारा गया था.

इस गोल से चेक गणराज्य का आत्मविश्वास कुछ हिला, खेल पर उनकी कसावट कुछ ढीली हो गई और बरोस अपने हमलों में कुछ अलग-थलग से नज़र आने लगे.

उनकी मुश्किलें उस समय और बढ़ गईं जब पोलक को लाल कार्ड दिखाया गया. डिफेंडर पोलक को इससे पहले माउरो कैमरूनेसी को चुनौती देने के आरोप में कार्ड दिखाया जा चुका था.

चेक कोच कारेल ब्रकनर ने मध्यांतर के समय धुरंधर कारेल पोबोर्स्की के स्थान पर जीरी स्टेजनर को मैदान में उतारा और तब चेक की टीम जैसे गोल की तलाश में प्रयास करने लगी.

खेल का रोमांच काफ़ी बढ़ा लेकिन अंकों का खेल चेक के विपरीत था और ऐसे में माहौल इटली की तरफ़ झुकने लगा था.

इंज़ेगी 61वें मिनट में गिलार्दीनो की जगह खेलने आए और हैडर के ज़रिए गोल करने की कोशिश की मगर एंड्री पर्लो ने उसे नाकाम कर दिया.

लेकिन इंज़ेगी ने तीन मिनट बाद ही हाथ लगा एक और मौक़ा नहीं चूका और गोल करके स्कोर 2-0 कर दिया. उसके बाद समय इतना नहीं बचा कि चेक टीम कुछ कर पाती और वह विश्व कप से बाहर हो गई.