रविवार, 18 जून, 2006 को 15:42 GMT तक के समाचार
फ़ुटबॉल विश्व कप के दसवें दिन ग्रुप एफ़ के मैच में जापान और क्रोएशिया का मुकाबला ड्रॉ रहा. दोनों ही टीमें कोई गोल नहीं कर सकीं.
दोनों टीमों ने गोल करने के कई मौके गवाएँ.
मैच ड्रॉ होने से अगले दौर में जाने की जापान और क्रोएशिया की उम्मीदें कम हो गई है. दोनों के अब एक-एक अंक हैं.
जापान के लिए उनके गोलकीपर योशीकात्सु कावागुची ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और गोल बचाकर अपनी टीम को हारने नहीं दिया.
पहला हाफ़
खेल के 22वें मिनट में ही क्रोएशिया को पेनल्टी मिली. जापान के कप्तान मियामोटो ने फ़ाउल किया और क्रोएशिया को पेनल्टी दी गई.
लेकिन जापान के गोलकीपर कावागुची ने शानदार अंदाज़ में अपने बाएँ तरफ़ गिरते हुए इस पेनल्टी को बचा लिया.
गोलकीपर कावागुची के प्रदर्शन को एक तरफ़ रख दें तो पहले हाफ़ में ऐसा नहीं लग रहा था कि जापान क्रोएशिया के सामने कोई बड़ा खतरा खड़ा कर रहा है.
जापान टीम में ब्राज़ील मूल के मिडफ़ील्ड खिलाड़ी एलेक्स ने ज़रूर क्रोएशिया की रक्षा पंक्ति को परेशान किया लेकिन उनकी कोशिश कुछ रंग नहीं ला सकी.
कुल मिलाकर पहले हाफ़ तक दोनों टीमें 0-0 से बराबरी पर ही थीं. इस दौरान क्रोएशिया ने एक पेनल्ट गवाँई और जापानी गोलकीपर ने दो गोल बचाए.
कावागुची का प्रदर्शन
दूसरे हाफ़ में जापान का खेल पहले की तुलना में ज़्यादा आक्रामक था. दूसरे हाफ़ में जूनीची इनामोटो का लाया गया जो 2002 फ़ुटबॉल विश्व कप में जापान के हीरे रहे थे.
खेल के 49वें मिनट में जापान को गोल करने का बेहतरीन मौका मिला. अकीरा काजी ने यानागिसावा को बैक पास दिया लेकिन यानागिसावा गोल न कर सके.
इसके बाद 88वें मिनट में जापान ने गोल करने के दो सुनहरे मौके गवाएँ. और आख़िककार मैच ड्रॉ हो गया.
मैच में जापान के कुल 19 फ़ाउल किए जबकि क्रोएशिया ने 18.
जापान कोई गोल तो नहीं कर सका, ऐसे में क्रोएशिया के गोल बचाकर मैच ड्रॉ करवाने का श्रेय काफ़ी हद तक जापानी गोलकीपर योशीकात्सु कावागुची को ही जाता है.
जापान का अगला मैच गुरुवार को ब्राज़ील के साथ है जबकि क्रोएशिया की भिडंत ऑस्ट्रेलिया से होगी.