सोमवार, 12 जून, 2006 को 21:41 GMT तक के समाचार
दमदार इटली ने विश्व कप के अपने पहले मैच में अफ़्रीकी टीम घाना को 2-0 से हराकर अपने अभियान का श्रीगणेश किया.
स्टार खिलाड़ियों से भरी इटली की टीम ने कलात्मक और बेहतरीन फ़ुटबॉल का प्रदर्शन किया और उनके सितारे मैदान में छाए रहे.
दर्शकों को यूरोपीय फ़ुटबॉल का जौहर देखने को मिला. घाना के गोलकीपर की तो पूछिए मत, पहले हाफ़ में उनका समय इटली के खिलाड़ियों के चौतरफ़ा आक्रमण को बचाने में ही गुजरा.
मौक़े घाना को भी मिले. कई बार तो लगा कि घाना ही गोल मारकर शुरुआत करेगा. लेकिन मैदान पर जलवा तो इटली के खिलाड़ियों ने ही दिखाया.
आंद्रेई पिर्लो, लूका टोनी, फ़्रांसेस्को टोटी, ग्रोसो, रोसी और विन्चेंज़ों ने कमाल दिखाया. इटली की ओर से पहला गोल मारा पिर्लो ने.
40वें मिनट में टोटी के सीधे पास पर पिर्लो का शॉट खिलाड़ियों के बीच से होता हुआ सीधे गोल में जा गिरा. पिर्लो के गोल की बदौलत इटली को 1-0 की बढ़त मिली.
इससे पहले कई बार इटली के खिलाड़ियों को गोल करने का सुनहरा अवसर मिला. सबसे दुर्भाग्यशाली रहे इटली के चर्चित युवा खिलाड़ी लूका टोनी. जिनके कई शॉट या तो गोलपोस्ट के आसपास से निकल गए या फिर गोलकीपर रिचर्ज किंग्स्टन ने अच्छा बचाव किया.
क्षमता
घाना की ओर से खिलाड़ियों ने अपनी तेज़ गति का तो परिचय दिया लेकिन कमी गोल दाग़ने की क्षमता में रह गई. असामोआ ग्यान और माइकेल इसियन का शॉट दर्शक दीर्घा में जाकर गिरा.
कई बार तो गोल पर शॉट लेने की बजाए घाना के खिलाड़ी गेंद इधर-उधर करते रहे और मौक़ा गँवाते रहे. हाफ़ टाइम से पहले इटली को एक और अच्छा मौक़ा मिला जब ग्रोसो के शॉट पर किंग्स्टन एक बार फिर एक्शन में आए और ख़ूबसूरत बचाव किया.
हाफ़ टाइम तक इटली की टीम 1-0 से आगे थी. हाफ़ टाइम के बाद एक बार फिर घाना के गोलकीपर किंग्स्टन अपनी टीम के बचाव में आए.
जल्द ही इटली के गोलकीपर बुफ़ो को भी घाना का आक्रमण झेलना पड़ा. जब इसियन के शॉट को बचाने के लिए उन्हें अच्छी-ख़ासी मेहनत करनी पड़ी.
एड़ी में चोट के कारण टोटी को मैदान से बाहर जाना पड़ा. 83वें मिनट में पिर्लो ने एक बार फिर बेहतरीन मूव बनाया और इस बार गेंद थमाई इक्विंटा विन्चेंज़ो को और उन्होंने कोई ग़लती नहीं की.
इटली की बढ़त हो गई 2-0 की और इसी स्कोर पर मैच समाप्त हुआ. इटली की शानदार जीत हुई.