शनिवार, 10 जून, 2006 को 16:01 GMT तक के समाचार
इंग्लैंड ने भी अपने विश्व कप अभियान की शुरुआत जीत के साथ की है. लेकिन ये जीत उन्हें मिली पराग्वे के कप्तान कार्लोस गमारा के गोल की बदौलत.
फ़्रैंकफ़र्ट में मैच के तीसरे मिनट में ही इंग्लैंड के कप्तान डेविड बेकम की फ़्री किक को नाकाम करने की कोशिश में पराग्वे के कप्तान कार्लोस गमारा का हेडर उन्हीं के गोलकीपर को छका गया.
और इसी एकमात्र गोल की बदौलत इंग्लैंड ने पराग्वे को 1-0 से हराया. लेकिन ऐसा नहीं था कि इंग्लैंड को मैच के दौरान गोल करने के अवसर नहीं मिले. ख़ासकर फ़्रैंक लैम्पार्ड ने तो एक ज़बदस्त शॉट लगाया लेकिन वे गोल नहीं कर पाए.
दूसरी ओर पराग्वे ने भी गोल उतारने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी. उन्हें भी कई अच्छे मौक़े मिले. ख़ासकर दूसरे हाफ़ में इंग्लैंड की टीम काफ़ी रक्षात्मक हो गई थी और पराग्वे ने इसका लाभ उठाने की कई बार कोशिश भी की.
लेकिन गोल नहीं हो पाया और इंग्लैंड 1-0 से मैच जीतने में सफल रहा. इंग्लैंड के कोच स्वेन योरान इरिक्सन ने भी स्वीकार किया कि टीम और बेहतर खेल सकती थी.
लेकिन फिर भी वे इस बात को लेकर ख़ुश थे कि टीम अपना पहला मैच जीतने में सफल रही. इंग्लैंड के कप्तान डेविड बेकम ने कहा कि 30 डिग्री तापमान में खेलने में थोड़ी मुश्किल आ रही थी. लेकिन उन्होंने भी माना कि टीम ने कई ग़लतियाँ की.
मैच
दुर्भाग्यपूर्ण तरीक़े से गोल खाने के बाद भी पराग्वे की मुश्किल कम नहीं हुई और आठवें मिनट में घायल विलर की जगह 20 वर्षीय एल्डो बोबाडिला को मैदान पर उतारना पड़ा.
विश्व कप के इतिहास में इतनी जल्दी किसी खिलाड़ी को नहीं बदला गया था. पहले हाफ़ में गोल हासिल करने के बाद इंग्लैंड की टीम नियंत्रण में दिखी और गोल करने के कई अवसर भी बनाए.
लेकिन हाफ़ टाइम से पहले पराग्वे के नेल्सन वाल्देज़ को भी गोल करने का एक बेहतरीन मौक़ा मिला. लेकिन उनका शॉट गोलपोस्ट के क़रीब से निकल गया.
हाफ़ टाइम तक स्कोर इंग्लैंड के पक्ष में था 1-0. हाफ़ टाइम के बाद पराग्वे ने आक्रमक खेल दिखाना शुरू किया और वाल्देज़ ने कई मूव भी बनाए.
इंग्लैंड ने 56वें मिनट में माइकल ओवन की जगह स्टीवर्ट डाउनिंग को उतारा. लेकिन इंग्लैंड को इसका भी कोई विशेष लाभ नहीं मिला.
इंग्लैंड के लिए अच्छी बात ये रही कि अपनी चोट से उबरते हुए स्टीवन जेरार्ड टीम में वापस आए और मिडफ़ील्ड में उनका खेल देखने लायक़ था.