भारतीय बल्लेबाज़ों ने खेल का रुख़ तो पलट लिया लेकिन गेंदबाज़ इसे कामयाबी में तब्दील करने से चूक गए और एंटिगा में पहला टेस्ट मैच रोमाँचक मोड़ पर पहुँचकर ड्रॉ हो गया.
एक समय ऐसा था जब तीन ओवर बचे थे और भारतीय गेंदबाज़ों को एक विकेट लेना था.
लेकिन अच्छी गेंदबाज़ी कर रहे अनिल कुंबले और श्रीसंत भी आख़िरी विकेट नहीं ले सके.
चूँकि रनों का अंतर बहुत अधिक था इसलिए वेस्टइंडीज़ के सामने विकल्प ही यही शेष था कि वो किसी तरह बल्लेबाज़ों को क्रीज़ पर रोककर मैच ड्रॉ करने की कोशिश करता और उसने किया भी यही.
इस तरह पहली पारी में भारी भरकम लीड के बाद भी भारत खेल का नतीजा हासिल नहीं कर सका.
भारत ने अपनी पहली पारी में 241 रन बनाए थे जिसके जवाब में वेस्ट इंडीज़ ने 371 रन बनाए.
दूसरी पारी में भारत ने जाफ़र के दोहरे शतक की बदौलत 521 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया तो वेस्टइंडीज़ ने अपना एक विकेट बचाते हुए आख़िर खेल बचा लिया.
जब खेल ख़त्म हुआ तो वेस्टइंडीज़ के पास सिर्फ़ एक खिलाड़ी था और उसे 90 से अधिक रन बनाने थे.
ज़िम्मेदार बल्लेबाज़ी
भारतीय गेंदबाज़ों को पहली सफलता थोड़ी देर से मिली. पहला विकेट तब गिरा जब स्कोर 67 रन था. सरवन के रुप में दूसरा विकेट भी 68 रनों के स्कोर पर गिर गया था.
लारा को जब श्रीसंत ने एलबीडब्लू आउट किया तब वेस्टइंडीज़ का स्कोर सिर्फ़ 72 रन था.
लेकिन इसके बाद वेस्टइंडीज़ के बल्लेबाज़ों ने खेल को संभाल लिया और जब गेल 69 रन बनाकर आउट हुए तो स्कोर था 171 रन. यानी चौथे विकेट के लिए 99 रनों की साझेदारी रही.
चाय के खेल तक वेस्ट इंडीज़ ने सात विकेट गँवाकर 226 रन जोड़ लिए थे. लेकिन आठवें विकेट की साझेदारी में जुड़े 50 रनों ने फिर खेल पलट दिया.
मोहम्मद ने भी अच्छे खेल का प्रदर्शन करते हुए 55 गेंदों में 52 रन बनाए.
गेल ने 69 रन बनाए तो चंद्रपॉल ने दूसरी पारी के लिए 62 रन जोड़े.
कुंबले का कमाल
अनिल कुंबले ने जिस तरह विकेट लिए वो काबिले तारीफ़ था. उन्होंने 34 ओवरों में 107 रन देकर चार विकेट लिए.
उन्होंने आठ मेंडन विकेट फ़ेंके.
इसके बाद श्रीसंत की गेंदबाज़ी देखने लायक थी, जिन्होंने 19 ओवरों में टीम सिर्फ़ 49 रन दिए और 10 ओवर मैडन फ़ेंके.
सहवाग को दो और एमएम पटेल को एक विकेट मिला.
भारतीय गेंदबाज़ों, विशेषकर अनिल कुंबले और श्रीसंत ने आख़िरी 19 गेंद बहुत तनाव के साथ फ़ेंके. इन्ही में से एक गेंद में विकेट मिल जाता तो खेल ख़त्म हो जाता और एक नतीजा भी हाथ में होता.