रविवार, 28 मई, 2006 को 14:54 GMT तक के समाचार
पहले टेस्ट में इंग्लैंड की जीत की कोशिश को नाकाम करने वाली श्रीलंका की टीम एज़बेस्टन टेस्ट के चौथे दिन ही छह विकेट से हार गई.
इंग्लैंड की टीम को जीत के लिए दूसरी पारी में सिर्फ़ 78 रनों का लक्ष्य मिला था. लेकिन यह लक्ष्य हासिल करने के लिए इंग्लैंड ने अपने चार विकेट गँवा दिए.
चारों विकेट मुथैया मुरलीधरन ने हासिल किए. उन्होंने पहली पारी में भी इंग्लैंड के छह विकेट उखाड़े थे. यानी मैच में उनके हाथ आए कुल 10 विकेट. राजेश ये 15वाँ मौक़ा है जब मुरलीधरन ने टेस्ट मैच में 10 विकेट लिए हैं.
जब चौथे दिन का खेल शुरू हुआ तो उस समय दूसरी पारी में श्रीलंका का स्कोर था पाँच विकेट पर 194 रन. वैन्डॉर्ट 89 रन बनाकर खेल रहे थे.
पारी बिखरी
तेरह रन के निजी स्कोर पर महारूफ़ के आउट होने के बाद श्रीलंका के विकेट धड़ाधड़ गिरने लगे और उनकी पूरी टीम 231 रन बनाकर आउट हो गई.
वैन्डॉर्ट 105 रन बनाकर आख़िरी विकेट के रूप में आउट हुए. इस तरह श्रीलंका ने इंग्लैंड को जीत के लिए सिर्फ़ 78 रन का लक्ष्य दिया.
लेकिन मार्कस ट्रेस्कोथिक बिना कोई रन बनाए आउट हो गए. एंड्रयू स्ट्रॉस 16 और केविन पीटरसन सिर्फ़ 13 रन बनाकर मुरलीधरन के शिकार बने. कॉलिंगवुड भी तीन रन बनाकर चलते बने.
लेकिन सिर्फ़ 78 रनों का लक्ष्य इंग्लैंड के लिए इतना कठिन साबित नहीं हुआ और उन्होंने चार विकेट के नुक़सान पर जीत हासिल कर ली.
दरअसल पहली पारी में 141 रन पर आउट होने के बाद ही श्रीलंका की टीम मुश्किल में आ गई थी.
इंग्लैंड ने पहली पारी में पीटरसन के 142 रनों की बदौलत 295 रन बनाए और 154 रनों की बढ़त
हासिल की, जो श्रीलंका के लिए भारी साबित हुई. श्रीलंका की टीम दूसरी पारी में 231 रन बनाए और उन्हें बढ़त मिली सिर्फ़ 77 रनों की.
इस टेस्ट में इंग्लैंड की ओर से इयन प्लंकेट ने कुल छह विकेट लिए. केविन पीटरसन ने 142 रनों की पारी खेली. जबकि श्रीलंका की ओर से मुरलीधन की शानदार गेंदबाज़ी के अलावा वैन्डॉर्ट का शतक भी यादगार रहा.